Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस युद्ध अब अपने पांचवें साल में पहुंच गया है. मंगलवार को पहली पार यूक्रेन की ओर से रूस पर 800 ड्रोन की स्ट्राइक की गई. इस हमले में रूस का काफी नुकसान भी हुआ और यूक्रेन ने ये मैसेज भी दे दिया कि ड्रोन की लड़ाई में रूस उसे कमजोर आंकने की गलती अब न करे. यूक्रेन ने ड्रोन उत्पादन को इतना बढ़ा दिया है कि वह न सिर्फ बचाव कर रहा है, बल्कि रूस के अंदर तक वार करने में सक्षम हो गया है.
युद्ध को दिशा देने की तकनीक विकसित
यह कम लागत, तेज उत्पादन और तेजी से सीखने वाली रणनीति युद्ध के नियमों को बदल रही है. जो कभी पश्चिमी देशों की मदद पर ही टिका हुआ था, वो आज न सिर्फ अपने युद्ध को दिशा देने की तकनीक विकसित कर चुका है बल्कि रूस को एक लंबी लड़ाई में उलझाए हुए भी है. आखिर यूक्रेन ने ये किया कैसे और उसका ड्रोन स्टॉक कितना है कि वो सैकड़ों ड्रोन एक रात में छोड़ रहा है. यूक्रेन सालाना करीब एक करोड़ ड्रोन तैयार कर रहा है.
रोज 7,000 से 9,000 ड्रोन इस्तेमाल
इसका मतलब औसतन रोज 27,000 से 30,000 ड्रोन. इनमें सामरिक, एफपीवी और लंबी दूरी वाले सभी कैटेगरी शामिल हैं. मोर्चे पर रोज 7,000 से 9,000 ड्रोन इस्तेमाल हो रहे हैं. एफपीवी ड्रोन का उत्पादन सबसे तेज बढ़ा है. ये 2022 में सालाना महज 3,000-5,000 थे, 2025 में 3 लाख हो गए और 2026 की शुरुआत में ये क्षमता 8 लाख से ज्यादा सालाना पहुंच गई. इंटरसेप्टर ड्रोन रोज एक हजार तक बन रहे हैं. लंबी दूरी वाले स्ट्राइक ड्रोन बनाने वाली कंपनियां रोज 200-300 यूनिट तैयार कर रही हैं.
12,000 से ज्यादा नागरिकों ने किया इनवेस्टमेंट
इनझुर मिलटेक फंड के जरिए एक दिन में ही 50 करोड़ रिव्निया (करीब 1.1 करोड़ डॉलर) जुटाए गए. 12,000 से ज्यादा नागरिकों ने इनवेस्टमेंट किया. 2025 में रूस ने 54,000 से ज्यादा शाहेद-प्रकार के ड्रोन दागे. हर ड्रोन की कीमत 50,000 डॉलर तक हो सकती है. यूक्रेन ने महंगे मिसाइल सिस्टम की बजाय सस्ते इंटरसेप्टर ड्रोन, मोबाइल फायर यूनिट और ऑटोमेटेड एंटी-एयरक्राफ्ट गन विकसित किए. फरवरी, 2026 में केवल कीव क्षेत्र में 70 प्रतिशत शाहेद इंटरसेप्ट इन्हीं ड्रोनों से हुए.
ज्यादा रूसी विमान नुकसान
अब यूक्रेन की ओर से इसका आक्रामक इस्तेमाल भी बढ़ा है. 300-400 डॉलर वाले एफपीवी ड्रोन आर्टिलरी गोला-बारूद की कमी को आंशिक रूप से पूरा कर रहे हैं. लंबी दूरी वाले ड्रोन 1,500 किलोमीटर दूर तक रूसी तेल रिफाइनरी, गोदाम और एयरबेस पर हमला कर रहे हैं. जून 2025 के ‘स्पाइडरवेब’ अभियान में महज 117 एफपीवी ड्रोन (कुल लागत करीब 1.17 लाख डॉलर) से पांच एयरबेस पर 40 से ज्यादा रूसी विमान नुकसान पहुंचाए गए, जिनकी कीमत अरबों डॉलर थी. तेज नवाचार और निजी क्षेत्र की ताकतयूक्रेन का मॉडल ड्रोन कीनेसियनिज्म कहलाता है.
ड्रोन उत्पादन में कॉम्पटिशन
500 से ज्यादा निजी कंपनियां ड्रोन उत्पादन में कॉम्पटिशन दे रही हैं. 90 प्रतिशत एफपीवी आउटपुट निजी क्षेत्र से आता है. इंजीनियर मोर्चे के साथ काम करते हैं और फीडबैक कुछ हफ्तों में सिस्टम को अपडेट कर देता है. यूरोपीय या अमेरिकी वैलिडेशन सालों लेता है, यूक्रेन का काम हफ्तों में पूरा हो जाता है.
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