फिर नोबेल पुरस्कार का राग अलापने लगे डोनाल्ड ट्रंप, कहा-मैंने वो काम किया है जो किसी ने कभी नहीं किया

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Donald Trump Demand for Nobel Peace Prize: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार की अपनी मांग को लेकर सुर्खियो में हैं. दरअसल, जैसे ही नोबेल शांति पुरस्कारों का ऐलान होना शुरू हुआ, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि साल 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार उन्हें मिलना चाहिए. इस बीच एक बार फिर कमेटी को ताना मारते हुए उन्होंने यह माना कि अंतिम फैसला नॉर्वे की नोबेल समिति करेगी और यह जरूरी नहीं कि प्राइज उन्हें ही मिले.

ट्रंप ने कहा कि पुरस्कार की घोषणा का समय अब करीब आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कूटनीतिक प्रयासों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने 8 युद्धों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है. उनके मुताबिक, अमेरिकी इतिहास में शायद ही किसी राष्ट्रपति ने इस स्तर पर जंग रुकवाने का प्रयास किया होगा. इस दौरान ट्रंप ने पुराना राग अलापते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे कदम उठाए हैं, जो उनसे पहले किसी राष्ट्रपति ने नहीं किए. उन्होंने दावा किया कि कई संघर्षों में उनकी सरकार ने बातचीत, दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों तक का इस्तेमाल करके हालात संभाले.

मैं डींगें नहीं हांकता, ये सच है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘मैंने वो काम किया है जो किसी और ने कभी नहीं किया. मैं कोई डींग नहीं हांक रहा, बस फैक्ट्स बता रहा हूं. किसी राष्ट्रपति ने शायद ही कभी कोई जंग सुलझाई हो, लेकिन मैंने 8 जंगें सुलझाई हैं.’ हालांकि ट्रंप के इन दावों पर सवाल भी उठते रहे हैं. दरअसल जिन संघर्षों को खत्म कराने का श्रेय वह खुद को देते हैं, उनमें शामिल कुछ पक्ष उनकी भूमिका को उतना बड़ा नहीं मानते. खासतौर से भारत-पाकिस्तान के बीच मई में जो सैन्य संघर्ष हुआ, उसे लेकर भारत ट्रंप की भूमिका को नकारता है.

नोबेल समिति को फिर सुनाया 

क्यों ट्रंप चाहते हैं नोबल पुरस्कार?

इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का भी जिक्र किया. ट्रंप ने सवाल किया कि ओबामा को राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दौर में ही यह पुरस्कार क्यों दिया गया था. ट्रंप ने अप्रत्यक्ष रूप से अपने दावे को मजबूत करने की कोशिश की कि उनके प्रयास पुरस्कार के ज्यादा योग्य हैं. हालांकि ट्रंप के प्रयासों में सबसे ज्यादा मुश्किल उनके लिए रूस-यूक्रेन के बीच का युद्ध को सुलझाना है. वे दावा कर रहे थे कि उनकी सरकार इसे सत्ता में आते ही सुलझा लेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
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