US-Israel Iran Attack: अमेरिका-इजराइल के हमलों के बीच ईरान का कहना है कि वह दबाव में झुकने वाला देश नहीं है और इतिहास में कभी आत्मसमर्पण नहीं किया. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुबई से ऑनलाइन माध्यम के जरिए ईरान को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अगर ईरान ने पहले से अधिक ताकतवर हमला किया तो अमेरिका ऐसी ताकत से जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.
सीमित हमला जैसी कोई चीज नहीं
उधर, तेहरान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ कहा कि कोई सीमित हमला जैसी कोई चीज नहीं होती आक्रामकता, आक्रामकता ही है. हमला मतलब हमला. हर देश को आत्मरक्षा का अधिकार है और हम निर्णायक जवाब देंगे. वह दबाव में झुकने वाला देश नहीं है और इतिहास में कभी आत्मसमर्पण नहीं किया.
धमकियों और कथित साजिशों की खबरें
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद धमकियों और कथित साजिशों की खबरें सामने आ रही हैं. दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता 17 फरवरी को स्विट्ज़रलैंड में हुई थी, जिसमें ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई.
12 दिनों तक सैन्य झड़पें
अगला दौर गुरुवार को प्रस्तावित है, हालांकि अमेरिका की ओर से अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है. अमेरिका की तरफ से ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff और जारेड कुशनर शामिल हैं. पिछले वर्ष जून में ईरान और उसके सहयोगी देश इजराइल के बीच 12 दिनों तक सैन्य झड़पें हुई थीं. अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. दिसंबर से ईरान में महंगाई और खाद्य कीमतों को लेकर प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए.
ट्रंप ने 20 फरवरी को दिया था संकेत
मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हजारों प्रदर्शनकारी मारे गए. ट्रंप ने 20 फरवरी को संकेत दिया था कि यदि परमाणु कार्यक्रम समेत कई मुद्दों पर समझौता नहीं हुआ तो वह सीमित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकते हैं.
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