Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में अपनी सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की अगुवाई में वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने की कोशिश इसलिए की जा रही है, जिससे इस क्षेत्र में चीन और रूस अपना प्रभाव न बढ़ा सकें.
व्हाइट हाउस में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका ने समय पर कदम नहीं उठाया होता, तो चीन या रूस वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों पर जल्दी कब्जा कर लेते. उन्होंने कहा कि “अगर हमने यह कदम नहीं उठाया होता, तो वहां चीन या रूस पहुंच चुके होते.”
दूसरे देशों के तेल बेचने के लिए तैयार अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका चीन और दूसरे देशों को तेल बेचने के लिए तैयार रहेगा, लेकिन वेनेजुएला में तेल उत्पादन पर नियंत्रण अमेरिका के हितों के अनुसार ही होना चाहिए. ट्रंप ने कहा कि “हम अमेरिका में बिजनेस के लिए तैयार हैं और हम वेनेजुएला में भी बिजनेस के लिए तैयार हैं.”
वेनेजुएला दुश्मन ताकतों का अड्डा
वहीं, इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पिछली सरकार के समय वेनेजुएला दुश्मन ताकतों का अड्डा बन गया था. उन्होंने कहा, “अमेरिका की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिए यह ठीक नहीं था कि उसके ही क्षेत्र में कोई देश एक ऐसे व्यक्ति के नियंत्रण में हो, जिस पर मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप हों.”
वहीं, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य एक्शन से बिना लंबा युद्ध किए दबाव बनाया गया. उन्होंने बताया कि सेना की ताकत का इस्तेमाल गोलियां चलाने के लिए नहीं, बल्कि वेनेजुएला के तेल की आपूर्ति को रोकने के लिए किया गया. उनका कहना है कि यह रणनीति वैसी ही है, जैसी अमेरिका दूसरे महत्वपूर्ण इलाकों में चीन और रूस के प्रभाव को रोकने के लिए अपनाता है. ट्रंप ने साफ कहा, “हम रूस या चीन को वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करने देंगे.”
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