Marco Rubio: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर लगाए 100 प्रतिशत टैरिफ को फिलहाल 60 दिन के लिए टाल दिया है, इसके लिए उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत भी किए है, जिसके बाद ट्रंप के इस फैसले से रूस को भी कड़े प्रतिबंधों से राहत मिल गई है.
दरअसल, अचानक ट्रंप द्वारा लिए गए इस फैसला को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि प्रतिबंधों और टैरिफ पर छूट का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ता है, ये देखने के लिए ये छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रपति 60 दिनों के इस समय का उपयोग यह समझने के लिए करना चाहते हैं कि प्रतिबंध और टैरिफ पर छूट का वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा.’ उन्होंने बताया कि इन आर्थिक प्रतिबंधों में केवल रूस ही नहीं, बल्कि कई दूसरे देश भी शामिल हैं.
वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर युद्ध का असर
दुनियाभर में चल रहे कई युद्ध वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर डाल रहे हैं. ऐसे में रुबियो ने कहा कि ‘दुनियाभर के ये संघर्ष आपस में जुड़ते जा रहे हैं और इनका असर न केवल वैश्विक स्तर पर तेल और डीजल की कीमतों पर, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है.’
ट्रंपः इससे अमेरिका को फायदा होगा
वहीं, ट्रंप ने शनिवार देर रात कहा कि उनके इस फैसले से अमेरिका को फायदा होगा. हालांकि, यह साफ नहीं था कि उन्होंने इस मामले पर पूरी तरह से अपना मन बना लिया है या नहीं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ‘हम इसका हल निकाल लेंगे, और आप भी समझ जाएंगे. यह एक बहुत अच्छा फैसला है, जो देश के लिए अच्छा होगा, और मुझे लगता है कि दुनिया के लिए भी अच्छा होगा.’
बता दें कि शुक्रवार को ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर दस्तखत किए, जिसके तहत रूस पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और टैरिफ में छूट दे दी गई. इन प्रतिबंधों को पिछले महीने ही अमेरिकी कांग्रेस ने मंजूरी दी थी. सितंबर में पास हुए इस कानून में रूसी अधिकारियों, रसूखदार कारोबारियों और वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध शामिल थे. साथ ही, इस कानून ने ट्रंप को यह अधिकार भी दिया था कि वे रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदारों पर भी प्रतिबंध लगा सकें. इसका मकसद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थकों और यूक्रेन के खिलाफ उनके युद्ध के लिए फंडिंग के स्रोतों को रोकना था.