तिब्बत में कुदरत का कहर: 4 घंटे में 13 भूकंप के झटके, 16 की मौत, 54 घायल; 339 घर मलबे में तब्दील

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Earthquake in Tibet: चीन के तिब्बत क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. गुरुवार रात आए 7.0 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 54 लोग घायल हुए हैं. उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में सैकड़ों मकान धराशायी हो गए. लगातार भूकंप के झटकों से प्रभावित इलाके में दहशत का माहौल है. प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है.

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण नागचू शहर में कम से कम 339 घर और पशुओं को रखने के लिए बनाए गए 20 शेड ढह गए. मलबे में फंसे लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने का काम जारी है. आशंका है कि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में आगे मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

चार घंटे में 13 झटके, सबसे तेज भूकंप की तीव्रता 7.0

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के (Earthquake in Tibet) अनुसार, सबसे शक्तिशाली झटका स्थानीय समय के मुताबिक रात करीब 10 बजकर 33 मिनट पर आया. भारतीय समय के अनुसार यह रात 8 बजकर 3 मिनट 42 सेकंड का समय था. इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.0 दर्ज की गई. करीब चार घंटे के दौरान क्षेत्र में कुल 13 भूकंप के झटके महसूस किए गए. चीन के दूसरे हिस्सों में भी धरती हिलने की खबरें सामने आईं. लगातार झटकों के चलते लोगों में भय बना हुआ है और राहतकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं.

1,600 से अधिक बचावकर्मी तैनात, हजारों टेंट भेजे गए Earthquake in Tibet

भूकंप से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए स्थानीय प्रशासन ने बड़े स्तर पर संसाधन जुटाए हैं. राहत और बचाव अभियान में 1,600 से ज्यादा लोगों को लगाया गया है. बेघर हुए परिवारों को सुरक्षित ठिकाना देने के लिए करीब 1,000 अस्थायी आवास और 3,000 टेंट भेजे गए हैं. प्रभावित लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फोल्डिंग बेड, टॉर्च और सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले गर्म कपड़े भी पहुंचाए जा रहे हैं. बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं. हालांकि, कुछ इलाकों में संचार सेवाएं बाधित होने से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, स्थानीय रेलवे अधिकारियों ने एहतियात बरतते हुए प्रभावित क्षेत्र से गुजरने वाली ट्रेनों की आवाजाही रोकने के लिए आपात कदम उठाए हैं.

चट्टानें गिरने से नेशनल हाईवे-317 बंद, बर्फबारी का अलर्ट

भूकंप के झटकों से पहाड़ी इलाकों में चट्टानें खिसककर सड़कों पर आ गई हैं. इसके चलते नेशनल हाईवे-317 के एक हिस्से को बंद करना पड़ा है. फिलहाल इस मार्ग पर केवल आपातकालीन सेवाओं, बचाव दलों और राहत सामग्री लेकर जाने वाले वाहनों को अनुमति दी जा रही है. सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है. मौसम ने भी राहत अभियान की चिंता बढ़ा दी है. शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना है. ऊंचाई वाले इस इलाके में गिरता तापमान और खराब मौसम बचावकर्मियों के लिए चुनौती बन सकते हैं. साथ ही, खुले में रह रहे लोगों की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.

पिछले पांच साल में क्षेत्र का सबसे शक्तिशाली भूकंप

चीन के सरकारी टीवी चैनल CCTV के मुताबिक, यह पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नागचू से लगभग 191 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व में था. इसकी गहराई जमीन से करीब 18 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई. नागचू तिब्बत की राजधानी ल्हासा से 300 किलोमीटर से अधिक उत्तर में स्थित है. यह ऊंचाई वाला और अपेक्षाकृत कम आबादी वाला क्षेत्र है. इसके बावजूद भूकंप से मकानों और पशु शेडों को हुए नुकसान ने स्थानीय लोगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और बेघर परिवारों को आश्रय देना है. आने वाले दिनों में संभावित बर्फबारी को देखते हुए राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं.

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