विस्तारवादी चीन विश्व शांति के लिए बन रहा खतरा, अब कर रहा भूटान पर कब्जे की तैयारी

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

China Bhutan Relation: भारत का पड़ोसी देश चीन पूरी दुनिया में अपनी विस्तारवादी नीति के लिए जाना जाता है. चीन दूसरे देशों की जमीन पर कब्जा करने के इरादे से हमेशा अपना पांव पसारता रहता है. इस कारण उसके संबंध अपने पड़ोसी मुल्कों से हमेशा तनाव भरे रहते हैं. ऐसा ही कुछ एक बार फिर से देखने को मिल रहा है. चीन ने भूटान की जमीन पर कब्जा कर लिया है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चीन ने भूटान में 22 गांव बसा लिए हैं. इस रिपोर्ट के बाद भारत समेत कई मुल्क़ परेशान हैं क्योंकि ये भूटान की संप्रभुता के लिए चिंता पैदा कर रही है.

एक विश्वसनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 19 गांव और तीन छोटी बस्तियां चीन ने भूटान के क्षेत्र में बना ली है. इससे पहले भी इस कब्जे को लेकर खबर थी. पिछले साल चीन ने भूटान की पारंपरिक सीमा के अंदर सात गांव बना लिए थे.

पड़ोसी मुल्कों के लिए खतरा बना चीन

जानकारों का कहना है कि चीन का यह कदम सिर्फ भूटान नहीं बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा है. चीन ने जहां गांव बसाएं हैं वहांं की सड़कें भूटान और चीन की सीमा के साथ लगती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार चीन यहां पर अपने लोगों को बसा रहा है. करीब 7000 लोगों को बसा चुका है. ये गांव 3 से 4 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं. चीन के इस कदम के बाद एक बार फिर से उसकी विस्तारवादी नीति की पूरी दुनिया मेें चर्चा हो रही है.

चीन की विस्तारवादी नीति समझिए

बता दें कि चीन की इस विस्तारवादी नीति के कारण उसका विवाद उसके पड़ोसी देशों के साथ चलता है. चीन का मंगोलिया, लाओस, वियतनाम, म्यांमार, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान के साथ संबंध तनावपूर्ण रहते हैं. इन सभी देशों का चीन के साथ आर्थिक संबंध तो हैं, लेकिन कोई भी चीन पर भरोसा करना नहीं पसंद करता है.

Latest News

BRICS Summit 2026: PM मोदी और इथियोपिया के पीएम अबी अहमद के बीच अहम बैठक, IT समेत इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर

BRICS Summit 2026 के दौरान नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इथियोपिया के पीएम अबी अहमद अली के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, IT, कृषि, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.

More Articles Like This

Exit mobile version