France: फ्रांस में एक पूर्व बैंक मैनेजर गीयोम बुची को अपनी पूर्व प्रेमिका के साथ बलात्कार, यातना और जबरन वेश्यावृत्ति कराने के आरोप में 25 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. अदालत ने कहा कि आरोपी को पैरोल पाने से पहले कम से कम अपनी सजा का दो-तिहाई हिस्सा जेल में ही बिताना होगा. यह मामला फ्रांस में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, मानसिक नियंत्रण और यौन शोषण पर गंभीर बहस का कारण बन गया है.
सात साल तक बनाया हैवानियत का शिकार
जानकारी के मुताबिक, बैंक मैनेजर ने अपनी प्रेमिका को सात साल तक हैवानियत का शिकार बनाया. आरोपी ने महिला को मानसिक और शारीरिक यातनाएं देकर 487 अजनबियों के साथ जबरन संबंध बनाने पर मजबूर किया. इतना ही नहीं विरोध करने पर उसे बेल्ट, बिजली के तारों और करंट से प्रताड़ित किया जाता था. 42 वर्षीय पीड़िता लेटिशिया आर. ने अदालत में बताया कि आरोपी ने सात साल तक उस पर मानसिक और शारीरिक नियंत्रण बनाए रखा.
सैडोमासोचिस्टिक संबंधों का प्रस्ताव
महिला के अनुसार, शुरुआत में आरोपी ने तथाकथित सैडोमासोचिस्टिक संबंधों का प्रस्ताव रखा था, जिसे उसने सामान्य निजी गतिविधि समझा था, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता हिंसा और क्रूरता में बदल गया. पीड़िता ने बताया कि उसे बेल्ट, बिजली के तारों और अन्य चीजों से प्रताड़ित किया जाता था. कई बार उसका गला दबाया गया और उसे गंभीर शारीरिक यातनाएं दी गईं.
लगातार डर में जी रही थी महिला
महिला ने अदालत को बताया कि वह लगातार डर में जी रही थी, क्योंकि आरोपी उसे धमकी देता था कि अगर उसने विरोध किया या रिश्ता छोड़ने की कोशिश की तो वह उसके निजी वीडियो सार्वजनिक कर देगा. मुकदमे के दौरान पेश किए गए सैंकड़ों टेक्स्ट और वॉयस मैसेज में आरोपी द्वारा धमकी और दबाव डालने के सबूत मिले. महिला ने कहा कि आरोपी ने उसे दोस्तों, सहकर्मियों और अजनबियों के साथ संबंध बनाने को मजबूर किया और वह ऐसे पुरुषों की सूची तक बनाकर रखता था.
487 लोगों के साथ जबरन संबंध
करीब 487 लोगों के साथ उसे जबरन संबंध बनाने पड़े. पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि 2017 में बेटी को जन्म देने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने वाले दिन ही आरोपी ने उसे एक ट्रक ड्राइवर के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. लगातार हिंसा और यौन शोषण के कारण महिला अब गंभीर मानसिक और शारीरिक समस्याओं से जूझ रही है. वहीं आरोपी गीयोम बुची ने अदालत में दावा किया कि उसकी पूर्व प्रेमिका इन गतिविधियों के लिए सहमत थी और उसे यह एहसास नहीं था कि वह उसे नुकसान पहुंचा रहा है.
आरोपी के लिए उम्रकैद की मांग
हालांकि अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया. अभियोजन पक्ष ने आरोपी के लिए उम्रकैद की मांग की थी, ताकि वह भविष्य में किसी और महिला के खिलाफ ऐसा अपराध न कर सके.
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