Washington: अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है. ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए गए हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से या तो समझौता होगा या फिर हमें काम पूरा करना होगा. अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि इस ईरानी संस्था को स्पेशली डिज़िग्नेटेड नेशनल्स लिस्ट में शामिल किया गया है. अमेरिका का आरोप है कि यह संस्था होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर अवैध नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रही थी.
जहाजों से जबरन भारी शुल्क वसूलना चाहता था ईरान
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान जहाजों से जबरन भारी शुल्क वसूलना चाहता था और सुरक्षित रास्ते के बदले उन्हें ईरानी निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर कर रहा था. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार को बाधित करने की ईरानी कोशिश यह दिखाती है कि अमेरिकी इकोनॉमिक फ्यूरी अभियान ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है और वह पैसों की भारी कमी से जूझ रहा है. ईरान ने 18 मई को पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी नाम की नई संस्था बनाई थी.
सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों से अनुमति
इस संस्था ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरानी अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी. ईरान प्रति जहाज लगभग 20 लाख डॉलर तक शुल्क वसूलने की योजना बना रहा था. इसी बीच ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि ईरान को लगा था कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के कारण वह दबाव में आ जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होगा. मुझे चुनावों की परवाह नहीं है.
अमेरिका अभी बातचीत से संतुष्ट नहीं
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका अभी बातचीत से संतुष्ट नहीं है और अगर जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान को अपने उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम कार्यक्रम को छोड़ने के बदले किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर असर डाल सकता है.
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