Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हमें नेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है. डेनमार्क के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम में बोलते हुए चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की तो रूस और चीन आर्कटिक क्षेत्र में दखल दे सकते हैं. ट्रंप ने आगे कहा कि अगर अमेरिका अपने हितों को आगे नहीं बढ़ाता है तो रूस और चीन इसमें दखल देंगे.
सीधी हवाई दूरी लगभग 7,700 और 8,000 KM के बीच
उन्होंने कहा कि अगर हम कार्रवाई नहीं करते हैं तो रूस और चीन आ जाएंगे. यह डेनमार्क का मामला नहीं है लेकिन हम इसे कंट्रोल कर सकते हैं. चीन और ग्रीनलैंड के बीच की दूरी के बारे में बात करें तो अलग-अलग इंटरनेशनल ट्रैवल और ज्योग्राफिकल रिसर्च वेबसाइट्स के अनुसार सीधी हवाई दूरी लगभग 7,700 और 8,000 किलोमीटर के बीच है. जबकि कुछ अनुमानों के अनुसार यह दूरी 7,829 किलोमीटर तक है.
अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदने का नहीं कर रहा विचार
इस बीच डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन और ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोत्जफेल्डट ने व्हाइट हाउस में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बैठक की. दोनों नेताओं ने प्रेस के सामने कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदने का विचार नहीं कर रहा. साथ ही उन्होंने अमेरिका के साथ आर्कटिक सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय कार्य समूह बनाने की घोषणा की.
राष्ट्रपति ग्रीनलैंड पर करना चाहते हैं कब्जा
डेनमार्क के विदेश मंत्री ने कहा कि हमने तय किया कि उच्च स्तर पर बैठकर यह देखना चाहिए कि राष्ट्रपति की चिंताओं को कैसे ध्यान में रखा जाए. जबकि हम डेनमार्क की सीमा रेखाओं का सम्मान करें. रासमुसेन ने कहा कि ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की इच्छा जाहिर की लेकिन उन्हें लगता है कि बैठक ने अमेरिका की स्थिति बदल दी है. उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति की यह इच्छा साफ है कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं. हमने साफ कर दिया कि यह डेनमार्क के हित में नहीं है. भविष्य में ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा रहेगा और यही हमारी साझा स्थिति है.
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