UN से ट्रंप को बड़ा झटका! होर्मुज को लेकर प्रस्ताव पर टली वोटिंग, चीन, रूस, फ्रांस ने बहरीन का बिगाड़ा खेल

New Delhi: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी समर्थन वाले एक प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद वोटिंग टल गई है. इससे बहरीन को बड़ा झटका लगा है. इस ड्राफ्ट प्रस्ताव में सदस्य देशों को होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘जरूरी रक्षात्मक बल’ इस्तेमाल करने की अनुमति देने की बात कही गई थी. इसमें यह भी प्रावधान था कि देश अकेले या बहुराष्ट्रीय नौसैनिक गठबंधन बनाकर कार्रवाई कर सकते हैं.

चीन, रूस और फ्रांस की चालों ने प्रस्ताव को अटकाया

माना जा रहा है कि चीन, रूस और फ्रांस की रणनीतिक चालों ने इस प्रस्ताव को अटका दिया, जिससे अमेरिका की योजना फिलहाल अधर में लटक गई है. होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किए गए अहम प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाली वोटिंग अचानक टाल दी गई. यह प्रस्ताव बहरीन की ओर से लाया गया था, जिसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त था.

वोटिंग टालने की वजह ‘गुड फ्राइडे’ की छुट्टी

आधिकारिक तौर पर वोटिंग टालने की वजह ‘गुड फ्राइडे’ की छुट्टी बताई गई, लेकिन कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार इसके पीछे बड़ी शक्तियों के बीच मतभेद मुख्य कारण हैं. खासतौर पर चीन, रूस और फ्रांस की आपत्तियों ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया. हालांकि इस प्रस्ताव को पास कराना आसान नहीं था. चीन और रूस ने साफ संकेत दे दिए थे कि वे इस तरह के प्रस्ताव का विरोध कर सकते हैं.

फ्रांस ने भी इस प्रस्ताव को लेकर जताई थी चिंता 

चीन के राजदूत ने कहा कि इस तरह बल प्रयोग की अनुमति देना स्थिति को और भड़का सकता है और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं. वहीं रूस, जो ईरान का करीबी सहयोगी है, पहले से ही इस तरह के एकतरफा कदमों की आलोचना करता रहा है. दूसरी ओर फ्रांस ने भी इस प्रस्ताव को लेकर चिंता जताई थी. फ्रांस चाहता था कि किसी भी कार्रवाई को पूरी तरह ‘रक्षात्मक’ दायरे में रखा जाए और सैन्य हस्तक्षेप से बचा जाए.

आम सहमति बनाना आसान नहीं

इस प्रस्ताव को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका और बहरीन काफी सक्रिय थे. बहरीन के राजदूत जमाल अल-रोवाईई ने इसे ‘अहम मोड़’ बताया था और कहा था कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके असर को देखते हुए कार्रवाई जरूरी है. लेकिन वोटिंग टलने से यह साफ हो गया है कि सुरक्षा परिषद में आम सहमति बनाना आसान नहीं है.

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