Hormuz War: ईरान ने शनिवार को बहरीन को निशाना बनाकर ड्रोन से हमला किया. इसी दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर भी हमला हुआ. माना जा रहा है कि यह अमेरिका की ओर से रात भर किए गए हवाई हमलों का ईरान ने जवाब दिया था. फारस की खाड़ी में हुए इन हमलों से ईरान के साथ युद्ध के फिर से बेकाबू होने का खतरा पैदा हो गया है, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच इस संघर्ष को खत्म करने के लिए एक अंतिम समझौते पर पहुंचने की कोशिश के तहत एक अंतरिम समझौता हो चुका था. यहां तक की कल रात ही अमेरिका-इजरायल-लेबनान के बीच भी एक त्रिपक्षीय समझौता हो गया.
अमेरिका ने क्यूं किया हमला
अमेरिका ने ये शुक्रवार रात हवाई हमले गुरुवार को जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे एक जहाज पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में किए थे. यह उन हमलों की कड़ी का हिस्सा था, जिन्होंने युद्ध के दौरान बने नाजुक संघर्ष-विराम को हिलाकर रख दिया है. इस बीच, अमेरिकी नौसेना की देखरेख में काम करने वाले एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने शनिवार को कहा कि वह जलडमरूमध्य में ओमान के पास एक रास्ते का विस्तार करेगा ताकि आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही हो सके. इससे ईरान के साथ तनाव का एक नया केंद्र बनने की संभावना है.
ईरान का हमला, बहरीन की चेतावनी
ईरान का बहरीन को निशाना बनाना शायद कोई इत्तेफाक नहीं था. यह देश ईरान के सबसे बड़े आलोचकों में से एक रहा है और यहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा (फ्लीट) तैनात है. हाल ही में इसने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी की थी. इस बैठक के आखिर में ईरान के हमलों को रोकने और जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को पूरी तरह खुला रखने की मांग की गई थी. बहरीन के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि “कई ईरानी ड्रोन्स” ने देश को निशाना बनाया. मंत्रालय ने इस हमले को “नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा” बताया

