इजरायल में मिला 4 लाख साल पुराना गुफा, इसमें मौजूद औजारों को देख वैज्ञानिक भी हैरान

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Human Evolution History: इजरायल में वैज्ञानिकों को खुदाई के दौरान एक ऐसी गुफा मिली, जिसने मानव इतिहास की कई पुरानी धारणाओं को बदल दिया. पहले इस गुफा को 2 लाख साल पुराना माना जाता था, लेकिन यहां मिले पत्थर के औजारों ने इसकी उम्र 4 लाख साल तक पहुंचा दी है. माना जा रहा है कि यहां इंसानों के पुर्वज रहते थे, जो पत्थर के औजारों का इस्तेमाल करते थे, आग को इस्तेमाल में लिया करते थे.

इजरायल में आखिर क्या मिला है?

बता दें कि इजरायल में पुरातत्वविदों को एक गुफा मिली है जिसका इस्तेमाल 4 लाख साल पहले रहने वाले, निएंडरथल से पहले के इंसानों के पूर्वजों ने किया था. यह उन चुनिंदा जगहों में से एक है, जहां तक वैज्ञानिक पहुंच पाए हैं. इस दौरान आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर यह निएंडरथल होते क्या थे.

दरअसल, निएंडरथल का वैज्ञानिक नाम होमो निएंडरथलेंसिस है और यह हमारे सबसे करीबी प्राचीन मानव रिश्तेदार थे. वे लगभग 4 लाख से 40 हजार साल पहले पूरे यूरोप, मिडिल ईस्ट और मिडिल एशिया में रहते थे. ठंडे वातावरण में रहने से उनका आज के इंसानों की अपेक्षा में शरीर छोटा और गठीला होता था.

गुफा के पास होने वाला था कंस्ट्रक्शन का काम

वहीं, खुदाई में मिली यह गुफा उत्तरी इजरायल के फुरेइडिस शहर के बाहरी इलाके में है, जिसके पास कंस्ट्रक्शन का काम होने वाला था तभी पुरातत्वविदों ने इसकी जांच करने का फैसला किया. रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल एंटीक्विटीज अथॉरिटी के पुरातत्वविद कोबी वर्डी ने बताया कि वैसे तो इस गुफा को 1970 के दशक में ही खोज लिया गया था लेकिन उस वक्त शोधकर्ताओं का मानना ​​था कि इस गुफा का इस्तेमाल करीब 2 लाख साल पहले किया गया था. लेकिन अब पता लगाया है कि यहां 4 लाख साल पहले भी लोग रहते थे.

गुफा में मिले ये हथियार

इस गुफा में इसबार प्री-निएंडरथल होमिनिन की ‘अच्युलो-याब्रूडियन’ संस्कृति से जुड़े चकमक पत्थर के औजारों मिले हैं, जैसे कि हाथ की कुल्हाड़ी, खुरचनी और ब्लेड. वर्दी ने बताया कि यह पता चलना बहुत हैरानी की बात थी कि गुफा पहले सोचे गए समय से कहीं ज्यादा पुरानी है. इसका इस्तेमाल अच्युलो-याब्रूडियन संस्कृति के लोगों ने किया होगा, जो लगभग 4 लाख से 2.5 लाख साल पहले लेवांट या ‘नियर ईस्ट’ इलाके में रहते थे.

मानव मिलकर करते थे शिकार

इस गुफा में फैलो डियर (हिरण) और गजेल (शाकाहारी मृग) जैसे जानवरों की हड्डियां भी मिलीं. इससे पता चलता है कि आदिममानव के बड़े समूह इन गुफाओं में एक साथ रहते थे, जंगली जानवरों का शिकार करते थे और आग का इस्तेमाल करते थे. हालांकि, अब तक इस दौर की खोजी गई किसी भी गुफा में इंसानों के कोई खास अवशेष नहीं मिले हैं.

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