Islamabad: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर बडी खबर सामने आई है. जानकारी के मुताबिक रावलपिंडी की अदियाला जेल में एक बार फिर इमरान खान की बहनों को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई. स्थानीय मीडिया ने बुधवार को इसे रिपोर्ट किया. उनके मुताबिक इमरान की पत्नी बुशरा बीबी से भी उनका परिवार नहीं मिल पाया. हालांकि एक दिन पहले ही इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों को जेल मैनुअल के हिसाब से चलने का आदेश दिया था.
कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन
पाकिस्तानी दैनिक ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने जेल अधिकारियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी के संस्थापक इमरान खान से परिवार के सदस्यों को मिलने नहीं दिया. पार्टी ने इस कदम को सुप्रीम कोर्ट और इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के आदेशों का उल्लंघन बताया है. पीटीआई ने कहा कि अदालती आदेशों के बावजूद मुलाकात से रोकना उच्च न्यायपालिका के आदेशों को नजरअंदाज करना है और ये बेहद गंभीर मामला है.
मुलाकात का इंतजार करती रहीं बहनें
पार्टी ने संबंधित जेल अधिकारियों से अदालती आदेशों का पालन करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि इमरान खान और बुशरा बीबी को कानून के मुताबिक अपने परिवार के सदस्यों से मिलने दिया जाए. ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई के वकील एडवोकेट अवैस यूनुस चौधरी ने बताया कि इमरान खान की तीन बहनें मंगलवार को दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक अदियाला जेल में मुलाकात का इंतजार करती रहीं. हालांकि, जेल अधिकारियों ने उन्हें इमरान खान से मिलने नहीं दिया.
इमरान खान की बहन की दूसरी अर्जी खारिज
पाकिस्तान के एक अन्य अखबार ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की बहन की दूसरी अर्जी खारिज कर दी थी. इस अर्जी में अदालत के 18 अगस्त के आदेश (जिसमें पीटीआई संस्थापक को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने का निर्देश दिया गया था) को लागू न करने पर दायर अवमानना याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी. अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग वाली पिछली याचिका भी खारिज कर दी थी.
इजाजत देने का आदेश
18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने और अधिकारियों को उनके परिवार के सदस्यों से मिलने की इजाजत देने का आदेश दिया था. ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत के आदेश के बावजूद अधिकारियों ने 21 अगस्त को इमरान खान को इलाज के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पिम्स) ले गए और डॉक्टरों के यह कहने पर कि वह मेडिकली फिट हैं, उन्हें वापस अदियाला जेल ले आए.
पीटीआई राजनीति से प्रेरित
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. उन्हें दोषी ठहराए जाने के मामले को उनकी पार्टी पीटीआई राजनीति से प्रेरित बताती आई है. 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पद से हटाए जाने के बाद से इमरान खान को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जेल की सजा काटनी पड़ रही है.
इसे भी पढ़ें. राम मंदिर ट्रस्ट के नए सदस्यों की घोषणा, महेश भागचंदका सहित तीन लोगों को मिली जिम्मेदारी

