भारत और चीन के बड़े अधिकारी की बीजिंग में हुई मुलाकात, सामने आया पूरा एजेंडा

India China Talks : भारत और चीन के विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीजिंग में एक बहुत महत्वपूर्ण बैठक की है. बता दें कि इस बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक प्रगति की पुष्टि की. जानकारी के मुताबिक, यह बैठक अगस्त में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद हुई है. इसके साथ ही भारत के विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया डिवीजन के संयुक्त सचिव सुजीत घोष और चीन के विदेश मंत्रालय के एशियाई मामलों के विभाग के महानिदेशक लियू जिंसॉन्ग ने गुरुवार के बीच यह मुलाकात हुई. यह जानकारी चीन की ओर से खुद दी गई.

रणनीतिक मार्गदर्शन के महत्व पर दिया जोर

प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों ने चीन-भारत संबंधों में हाल की सकारात्मक प्रगति की सराहना की. इतना ही नही बल्कि उन्‍होंने पीएम मोदी और शी जिनपिंग की हुई मुलाकात के दौरान हासिल किए गए महत्वपूर्ण साझा समझौतों को पूरी तरह लागू करने की प्रतिबद्धता जताई. इसके साथ ही दोनों देशों के नेताओं ने रणनीतिक मार्गदर्शन के महत्व पर जोर दिया. ऐसे में उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और पुनर्निर्माण में हुई प्रगति का सकारात्मक मूल्यांकन किया. लोगों पर केंद्रित आदान-प्रदान को प्राथमिकता दी.

दोनों नेताओं की मुलाकात रही सफल

बता दें कि बैठक में दोनों पक्षों ने आने वाले साल के लिए योजनाबद्ध आदान-प्रदान और गतिविधियों का जायजा लिया. भारतीय पक्ष ने निर्यात नियंत्रण से जुड़े और भी कई मुद्दों के जल्द समाधान पर जोर दिया. इसके साथ ही, दोनों ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी थोड़ी चर्चा की. ऐसे में इस मुलाकात के दौरान सन वेईडोंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की SCO शिखर सम्मेलन के दौरान तियानजिन में हुई मुलाकात सफल रही. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष अपने नेताओं के बीच हासिल महत्वपूर्ण साझा समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे.

चीन-भारत संबंधों के निरंतर विकास को देंगे बढ़ावा

उन्‍होंने उम्‍मीद जताते हुए कहा कि दोनों देश व्यापक दृष्टिकोण अपनाएंगे, आपसी विश्वास बनाएंगे, ठोस प्रयास करेंगे, सहयोग को आगे बढ़ाएंगे और चीन-भारत संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा देंगे. चीनी मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि भारत-चीन संबंध बहुत महत्वपूर्ण हैं और दोनों देश एक साथ मिलकर काम करने को भी तैयार है. उन्होंने ये भी कहा कि ‘दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के तहत, संस्थागत संवाद को फिर से शुरू किया जाए. जानकारी के मुताबिक, सुजीत घोष ने चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एशियाई मामलों के महानिदेशक से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय व्यापार एवं वाणिज्यिक मुद्दों पर चर्चा की.

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