India Myanmar deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने पर बातचीत होगी. साथ ही सुरक्षा और संपर्क सहित म्यांमार और भारत के बीच संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हो सकती है.
बता दें कि म्यांमार भारत की ‘पड़ोसी पहले’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों में शामिल है. ऐसे में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और अधिक मजबूती और गहराई मिलने की उम्मीद है. वहीं, इससे पहले राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से आज शाम दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात की थी. सीमा सुरक्षा से लेकर कई अहम मुद्दों पर बात की थी.
इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
- भारत और म्यांमार के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में बॉर्डर सिक्योरिटी, व्यापार, कनेक्टिविटी, और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा.
- सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के मद्देनजर ‘फ्री मूवमेंट रिजीम और आवाजाही के नियमों में बदलाव पर विचार.
- दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार मंचों के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देने पर बातचीत.
- सीमा पार से हो रही अवैध ड्रग्स तस्करी और संगठित अपराधों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर चर्चा.
म्यांमार के राष्ट्रपति ने एस जयशंकर से की मुलाकात
बता दें कि म्यांमार के राष्ट्रपति ह्लाइंग पांच दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हुए हैं, जिसकी शुरुआत उन्होंने बिहार के बोधगया से की, जहां महाबोधि मंदिर है. इसके बाद वो राष्ट्रपति नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की. वहीं, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद वो मुंबई के दौरे पर जाएंगे.

