‘हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा’, मीडिया की आजादी को लेकर नॉर्वे की पत्रकार के सवालों पर भारत का करारा जवाब

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India press freedom: भारत सरकार ने भारत में प्रेस की आजादी और मानवाधिकारों को लेकर एक नॉर्वेजियन पत्रकार के सवालों का करारा जवाब दिया है.विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने भारत के लोकतंत्र, संविधान, विविधता और मानवाधिकार रिकॉर्ड का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने कुछ “अज्ञानी एनजीओ” की रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया.

दरअसल, पीएम मोदी के ओस्लो यात्रा के दौरान मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए  विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि “हम दुनिया की कुल आबादी का छठा हिस्सा हैं, लेकिन दुनिया की समस्याओं का छठा हिस्सा नहीं हैं. हमारे पास एक संविधान है जो लोगों को मौलिक अधिकार देता है.”

सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता संविधान 

बता दें कि एक नॉर्वेजियन पत्रकार ने पूछा था कि “भारत पर भरोसा क्यों किया जाना चाहिए?” ऐसे में राजनयिक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकार देता है और अगर इन अधिकारों का उल्लंघन होता है तो कानूनी उपाय भी उपलब्ध कराता है. उन्होंने आगे कहा कि “हमारे देश की महिलाओं को बराबरी के अधिकार मिले हुए हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण है. हम समानता में विश्वास करते हैं, मानवाधिकारों में विश्वास करते हैं. वहीं यदि किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो उसे अदालत जाने का अधिकार है. हमें लोकतंत्र होने पर गर्व है.सिबी जॉर्ज ने भारत के मीडिया जगत के आकार और विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में कई भाषाओं में काम करने वाला बेहद सक्रिय मीडिया तंत्र है.

कानून के शासन में विश्वास करता है भारत 

उन्होंने आगे कहा कि “आप जानते हैं यहां कितनी खबरें होती हैं. हर शाम कितनी ब्रेकिंग न्यूज आती हैं. सिर्फ दिल्ली में ही कम से कम 200 टीवी चैनल हैं, अंग्रेजी में, हिंदी में और कई दूसरी भाषाओं में.” दूसरे देशों के लोगों को “भारत के बड़े आकार और विविधता की समझ नहीं है… वे कुछ अज्ञात और अज्ञानी एनजीओ की एक-दो रिपोर्ट पढ़ लेते हैं और फिर सवाल पूछने आ जाते हैं.” भारत के अंदर होने वाली जटिल बहसों को बाहर के लोग बहुत आसान तरीके से समझने की कोशिश करते हैं.  इसके साथ ही उन्होंने भारत के कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन पर जोर देते हुए कहा कि “भारत एक ऐसा देश है जो कानून के शासन में विश्वास करता है. हम हमेशा नियमों का पालन करते आए हैं. हम नियमों के मुताबिक काम करते हैं. यही भारत की पहचान है.”

भारत ने खारिज की नीदरलैंड के पीएम की टिप्पणी 

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय का यह कड़ा जवाब उस बयान के एक दिन बाद आया, जब नई दिल्ली ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की उन कथित टिप्पणियों को खारिज कर दिया था, जिनमें भारत में मीडिया की आजादी कम होने और धार्मिक व अल्पसंख्यक अधिकार कमजोर पड़ने की बात कही गई थी. पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह की चिंताएं भारत को सही तरीके से न समझ पाने की वजह से पैदा होती हैं. उन्होंने भारत की सभ्यता और विविधता पर भी जोर दिया.

Latest News

UP Politics: यूपी में सपा-बसपा को बड़ा झटका, 51 नेताओं ने छोड़ी पार्टी, थामा SBSP का दामन

UP Politics: यूपी की सियासत से हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है. यहां समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन...

More Articles Like This