New Delhi: सुमित नागल गुरुवार को यहां हिगाशियामा पार्क टेनिस सेंटर में पुरुषों के एकल क्वार्टर फाइनल में चीन के वू यिबिंग से सीधे सेटों में 4-6, 4-6 से हार गए. नागल की हार के साथ ही एशियन गेम्स में भारत का टेनिस अभियान खत्म हो गया. 1986 के बाद यह पहला मौका है, जब भारतीय टेनिस टीम एशियन गेम्स से बिना पदक जीते लौटेगी. नागल की पहली सर्विस अच्छी नहीं रही. उन्होंने अपनी पहली सर्विस से 62 प्रतिशत और दूसरी सर्विस से 59 प्रतिशत अंक जीते, लेकिन मैच में तीन बार उनकी सर्विस ब्रेक हुई.
पहली बार कोई मेडल नहीं जीत पाया
नागल से पहले, सुरेश दक्षिणेश्वर भी पुरुषों के एकल के राउंड ऑफ 16 में चीनी ताइपे के त्सेंग चुन-हसिन से 6-3, 6-4 से हार गए थे. भारत पुरुषों के डबल्स में भी 1998 के गेम्स के बाद पहली बार कोई मेडल नहीं जीत पाया. युकी भांबरी-दक्षिणेश्वर सुरेश और अनिरुद्ध चंद्रशेखर-एन श्रीराम बालाजी की स्टार जोड़ियां भी पुरुषों के डबल्स के क्वार्टर फाइनल में हार गईं.
मिक्स्ड डबल्स में भी भारत को निराशा
भांबरी-सुरेश अपने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के रे हो और सू यू-ह्सियू से हार गए, जबकि बालाजी-अनिरुद्ध एक रोमांचक टाई-ब्रेक मुकाबले में चीन के जियांग फुमिन और झांग तियानहुई से हार गए. अंकिता रैना और रुतुजा भोसले की महिला डबल्स जोड़ी पहले राउंड में कजाकिस्तान की अन्ना डैनिलिना और यूलिया पुतिनत्सेवा से हार गई. मिक्स्ड डबल्स में भी भारत को निराशा हाथ लगी, क्योंकि युकी भांबरी और रुतुजा भोसले राउंड ऑफ 16 में चीनी ताइपे के ह्सिएह सु-वेई और त्सेंग चुन-ह्सिन से हार गए.
कैरन थॉम्पसन से हारकर बाहर
एन श्रीराम बालाजी और अंकिता रैना भी राउंड ऑफ 32 में हांगकांग, चीन के यूडिस चोंग और कैरन थॉम्पसन से हारकर बाहर हो गए. भारत ने हांगझोऊ गेम्स 2023 में टेनिस में दो मेडल जीते थे. पिछले एशियाई खेलों में रोहन बोपन्ना और रुतुजा ने मिक्स्ड डबल्स इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था, जबकि रामकुमार रामनाथन और साकेत मायनेनी ने हांगझोऊ में मेंस डबल्स इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था.
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