India trade khalistan: कनाडाई मीडिया एक बार फिर से खालिस्तान मुद्दे को हवा देने की कोशिश कर रहा है जबकि देश भारत के साथ इस साल के अंत तक मुक्त व्यापार समझौता फाइनल करना चाहता है. ऐसे में कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने कहा है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है और कई देश उसके साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर रहे हैं और कनाडा पीछे नहीं छूटना चाहता.
दरअसल, साल 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में भारी गिरावट आई थी और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत रुक गई थी. लेकिन मार्क कार्नी ने पीएम बनने के बाद भारत से संबंध सुधारने की शुरूआत कर दी थी. वो खुद भारत दौरे पर आए थे और उनकी सरकार ने खालिस्तान को लेकर भारत की चिंताओ को समझा है.
द्विपक्षीय कारोबार के लिए ट्रेड फोरम लॉन्च
कनाडा की ताजा इंटेलिजेंस रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों को देश के लिए खतरा बताया गया. वहीं, मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कनाडा सरकार ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों को रीसेट करने का फैसला किया. वहीं, कनाडा और भारत ने मिलकर साल 2030 तक 50 अरब डॉलर का द्विपक्षीय कारोबार का लक्ष्य रखा है और इसके लिए ट्रेड फोरम को लॉन्च किया है.
भारत के साथ कारोबार में नहीं रह सकते पीछे
मनिंदर सिद्धू ने व्यापार मंत्री बनने के बाद भारत के साथ CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) वार्ता को 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है ताकि द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाया जा सके. एक इंटरव्यू के दौरान मनिंदर सिद्धू से जब पूछा गया कि कनाडाई सिख समूह कह रहे हैं कि आप उनकी सुरक्षा के बजाय भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता दे रहे हैं? तो उन्होंने कहा ‘भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. न्यूजीलैंड, UK और EU इन सभी ने भारत के साथ FTA पर हस्ताक्षर किए हैं. मैं नहीं चाहता कि कनाडा इस अवसर से चूक जाए.’
वहीं, कनाडा में भारत के राजदूत के कनाडा की खुफिया एजेंसियां’समझौतावादी’ हो गई वाले बयान पर उन्होंने कहा ‘हम अपनी संस्थाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं। अपने समुदायों को सुरक्षित रखने के लिए हमें भारत के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.’
क्या है खालिस्तान को लेकर ताजा विवाद?
बता दें कि कनाडा में भारत के शीर्ष राजनयिक दिनेश के. पटनायक ने कनाडाई मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि कनाडा की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियां जैसे RCMP राजनीतिक रूप से प्रभावित या ‘समझौतावादी’ हैं. भारतीय राजनयिक के इसी बयान पर पत्रकार ने मनिंदर सिद्धू से प्रतिक्रिया मांगी जिस पर उन्होंने कहा कि ‘हम अपने संस्थानों के साथ खड़े हैं” लेकिन उन्होंने यह माना कि समुदायों की सुरक्षा के लिए भारत के साथ सहयोग करना जरूरी है. कनाडा के खालिस्तानी समर्थक कनाडाई सरकार पर भारत को लेकर दबाव बना रहे हैं. सरकार भारत के साथ व्यापारिक फायदे के लिए कनाडा में रह रहे सिखों की सुरक्षा की अनदेखी कर रही है.