भारत-अमेरिका की सेनाएं अपनी तोपखाना क्षमता का कर रही जोरदार प्रदर्शन, एम777 से तबाह किए सभी लक्ष्य

New Delhi: भारत और अमेरिका की सेनाएं अपनी तोपखाना क्षमता का जोरदार प्रदर्शन कर रही हैं. तोप की मारक क्षमता का यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका के संयुक्त युद्धाभ्यास किया जा रहा है. भारत में जारी युद्धाभ्यास में एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर से फायरिंग की गई. एम777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपों ने सीधे नजर आ रहे लक्ष्यों को डायरेक्ट फायरिंग पद्धति से निशाना बनाया. दोनों देशों के बीच युद्धाभ्यास का 22वां संस्करण उत्तराखंड के बर्फीले पहाड़ी क्षेत्र औली से लेकर राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज तक एक साथ जारी है.

अभ्यास में आधुनिक तकनीक भी केंद्र

अभ्यास में भारत और अमेरिका के करीब 600-600 सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं. इस अभ्यास में आधुनिक तकनीक भी केंद्र में है. सैनिक निगरानी और टोह लेने के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहे हैं. महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जा रहा है. इस बीच भारतीय सेना ने ‘हर पल सतर्क. हर समय तैयार.’ का अपना संदेश दोहराया है. सेना जय से विजय मिशन पर काम कर रही है. भारतीय सेना के मुताबिक राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज एम777 की तोप टुकड़ियों ने बेहद सटीक निशाना साधा.

तैयार रहने की क्षमता का प्रदर्शन

सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. इस दौरान जवानों ने अपनी पेशेवर दक्षता, सटीकता और युद्ध के लिए तैयार रहने की क्षमता का प्रदर्शन किया. फायरिंग खत्म होने के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने एम777 की तैनाती वाली जगहों का दौरा किया. अमेरिकी सैनिकों ने भारतीय तोप टुकड़ी के अधिकारियों और जवानों से बातचीत की. इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच सैन्य अनुभव और बेहतर युद्धक प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी का आदान-प्रदान हुआ. यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों को बिलकुल युद्ध जैसी परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर दे रहा है.

एक-दूसरे के अनुभवों से सीख

दोनों देश अपनी क्षमताओं को परखने के साथ-साथ एक-दूसरे के अनुभवों से सीख रहे हैं. दोनों सेनाओं का यह अभ्यास 16 सितंबर को राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ था. फायरिंग से कुछ दिन पहले यहां एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती से जुड़ी गतिविधियों व संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया था. इन गतिविधि के तहत एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की तैनाती पर व्याख्यान व प्रदर्शन किया गया.

वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरण की प्रक्रिया

इसमें सैन्य कर्मियों की जिम्मेदारियों, तोप की तैनाती की प्रक्रिया और स्थानीय रक्षा के समन्वय से जुड़े पहलुओं को समझाया गया था. दोनों देशों के जवानों को जवाबी गोलाबारी की स्थिति में वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पर बताई गई थी. इसके साथ ही ‘शूट एंड स्कूट’ अभ्यास किया गया. इस प्रक्रिया में निर्धारित कार्रवाई के बाद तोप को तेजी से उसकी स्थिति से हटाने की क्षमता पर जोर दिया जाता है.

कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर

इस गतिविधि ने भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर दिया. दोनों पक्षों के सैन्य कर्मियों के बीच संवाद हुआ और सैन्य अभियानों से जुड़े बेहतर तौर-तरीकों का आदान-प्रदान किया गया.

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