अल-मंदेब से सुरक्षित निकला भारत का तेल टैंकर, हूती विद्रोहियों के खिलाफ इंडियन नेवी ने संभाला था मोर्चा

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New Delhi: हूती विद्रोह‍ियों और समुद्री लुटेरों की वजह से लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला बेहद अहम बाब अल-मंदेब स्‍ट्रेट काफी खतरनाक हो चुका है. ऐसे संवेदनशील सुरक्षा हालात के बीच बाब अल-मंदेब से क्रूड ऑयल का एक टैंकर सुरक्षित निकला है. इस ऑयल टैंकर की रक्षा इंडियन नेवी कर रही थी, ऐसे में हूती विद्रोही या फिर समुद्री लुटेरे किसी तरह का दुस्‍साहस नहीं कर सके. बाब अल-मंदेब में ईरान के सपोर्ट में हूती विद्रोहियों ने मोर्चा संभाल रखा है. खासकर सऊदी अरब के हितों को निशाना बनाया जा रहा है.

मौका देखकर समुद्री लुटेरे भी एक्टिव

दूसरी तरफ, सोमालिया के पंटलैंड कोस्‍ट के साथ ही अन्‍य इलाकों में मौका देखकर समुद्री लुटेरे भी एक्टिव हो गए हैं. यमन और सोमालिया के तट के पास अलग-अलग घटनाओं में समुद्री लुटेरों ने दो मालवाहक जहाजों को हाईजैक कर लिया. इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे. 20 अगस्त को इरिट्रिया के झंडे वाला ऑयल प्रोडक्ट्स टैंकर एमटी सिबू-1 और कैमरून के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को 17 अगस्त को सोमालिया के पंटलैंड तट के पास समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया था.

इंडियन नौसेना की सुरक्षा में सुरक्षित निकला

इन घटनाक्रमों के बीच ऑयल टैंकर इसी रूट से इंडियन नौसेना की सुरक्षा में सुरक्षित निकला है. इंडियन नेवी ने खुद क्रूड ऑयल टैंकर के बाब अल-मंदेब से सुरक्षित निकलने की जानकारी दी है. सोशल मीडिया पोस्‍ट में नौसेना ने बताया कि उनकी निगरानी में क्रूड ऑयल टैंकर एमटी सनमार हेराल्‍ड रेड-सी और अदन की खाड़ी को कनेक्‍ट करने वाले इस समुद्री कॉरिडोर से सुरक्षित निकला है.

सुरक्षित ट्रांजिट की निगरानी

नेवी ने फेसबुक पोस्‍ट में कहा, ‘भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा…20 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना की मिशन पर तैनात एक यूनिट ने हाई-रिस्‍क वाले बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्षेत्र से कच्चे तेल के टैंकर एमटी सनमार हेराल्ड के सुरक्षित ट्रांजिट की निगरानी की. हूती विद्रोहियों और समुद्री लुटेरों की वजह से बाब अल-मंदेब खतरनाक समुद्री मार्ग बन गया है. यमन और सोमालिया के तट के पास अलग-अलग घटनाओं में समुद्री लुटेरों ने दो वाणिज्यिक जहाजों को हाईजैक कर लिया है.

हथियारबंद समुद्री लुटेरों के कब्जे में

इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे. विदेश विभाग की ओर से बताया गया है कि 20 अगस्त को इरिट्रिया के झंडे वाला ऑयल प्रोडक्ट्स टैंकर एमटी सिबू-1 (M T Sibu 1) यमन के तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर गल्फ ऑफ एडन में हथियारबंद समुद्री लुटेरों के कब्जे में चला गया. जहाज पर कुल 20 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें 16 भारतीय नागरिक शामिल हैं. वहीं, दूसरी घटना में कैमरून के झंडे वाले एक मालवाहक जहाज को 17 अगस्त को सोमालिया के पंटलैंड तट के पास समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया.

6 भारतीय नागरिक शामिल

इस जहाज पर 10 सदस्यीय चालक दल था, जिसमें 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, एम/वी लुतुफ नामक इस जहाज को 17 अगस्त को पंटलैंड के इल जिले में मर्राया के पास तट से करीब साढ़े तीन नॉटिकल मील दूर कब्जे में लिया गया था. जहाज पर तुर्की के हथियार भी लदे होने की जानकारी सामने आई है. समुद्री लुटेरे जहाज को नूगाल तट की ओर ले गए. क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चुनौतियों के बीच दोनों घटनाओं ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है.

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