Indonesian cave artwork: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर एक दूरस्थ और कम खोजे गए क्षेत्र में गुफा की दीवारों पर बने हाथों के निशान मिले है, जो अब तक की सबसे पुरानी ज्ञात रॉक आर्ट साबित हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि इस कालाकृतियों की उम्र कम से कम 67,800 साल होगी.
ये टैन (भूरे-नारंगी) रंग के हैंड स्टेंसिल इंडोनेशियाई और ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों द्वारा विश्लेषण किए गए हैं. वहीं, इन्हें बनाने की विधि यह थी कि हाथ को दीवार पर रखकर उसके चारों ओर पिगमेंट (लाल ओखरा) फूंककर आउटलाइन तैयार की गई. जबकि कुछ उंगलियों के सिरों को जानबूझकर नुकीला (क्लॉ-जैसा) बनाया गया था, जो सुलावेसी में पाई जाने वाली एक खास कलात्मक शैली है.
द्वीप पर प्राचीन काल से ही जटिल कालात्मकर परंपरा मौजूद
इस खोज ये यह संकेत मिलता है कि इंडोनेशियाई द्वीप समूह में बहुत प्राचीन काल से ही एक समृद्ध और जटिल कलात्मक परंपरा मौजूद थी. वहीं, पेंटिंग की उम्र तय करने के लिए शोधकर्ताओं ने इनके ऊपर जमी खनिज परतों (कैल्साइट क्रस्ट) की यू-सीरीज डेटिंग की. यह अध्ययन ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के मैक्सिम ऑबर्ट और उनकी टीम द्वारा किया गया, और इसे नेचर जर्नल में 21 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया.
दुनिया की सबसे पुरानी गुफा कलाओं के लिए प्रसिद्ध इंडोनेशियां
विशेषज्ञ और पेलियोएंथ्रोपोलॉजिस्ट जेनेवीव वॉन पेटजिंगर ने इस नई खोज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वो “खुशी से चीख पड़ीं”, क्योंकि यह उनके विचारों से पूरी तरह मेल खाती है. इंडोनेशिया पहले से ही दुनिया की सबसे पुरानी गुफा कलाओं के लिए प्रसिद्ध है. पहले मरोस-पंगकेप क्षेत्र में हाथों के स्टेंसिल और जानवरों की चित्रकारी 40,000-50,000 साल पुरानी पाई गई थीं.
कहानी का अंत नहीं ये खोज
ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के मैक्सिम ऑबर्ट का कहना है कि यह खोज कहानी का अंत नहीं है, बल्कि और गहन खोज शुरआत है. आसपास के द्वीपों में और भी पुरानी कलाकृतियां मिलने की संभावना है, जो हमें शुरुआती मानव प्रवास, सांस्कृतिक विकास और रचनात्मकता की शुरुआत को बेहतर समझने में मदद कर सकती हैं.
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