New Delhi: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) से पहले कई देशों में योग उत्सव शुरू हो गए हैं. साल 2026 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण है. इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing” रखी गई है, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान जीवन के लिए प्रेरित करना है. इस कड़ी में भारत के दो करीबी मित्र देशों रूस और नेपाल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां योग को भारत की विश्व को दी गई अमूल्य विरासत बताया गया.
योग दिवस से पहले विशेष योग सत्र का आयोजन
नई दिल्ली स्थित Embassy of Russia in India में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया. रूसी दूतावास में संस्कृति मामलों की काउंसलर यूलिया आर्याएवा ने कहा कि योग भारत का दुनिया को दिया गया अनमोल उपहार है और रूस में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि मॉस्को, सेंट पीटर्सबर्ग और अन्य शहरों में बड़ी संख्या में लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं तथा योग को गहराई से समझने के लिए भारत भी आते हैं.
योग शरीर और मन के बीच सामंजस्य
रूस के भारत में राजदूत Denis Alipov की पत्नी डेनिस अलीपोव ने कहा कि योग शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. मैं प्रधानमंत्री मोदी की आभारी हूं कि उन्होंने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना में अहम भूमिका निभाई.
भव्य योग कार्यक्रम आयोजित
उधर, नेपाल की पवित्र नगरी और Lumbini में भारतीय दूतावास ने Lumbini Development Trust और BP Koirala India Nepal Foundation के सहयोग से भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, भारतीय समुदाय और सैकड़ों योग प्रेमियों ने भाग लिया. नेपाल में भारतीय दूतावास के प्रथम सचिव Narayan Singh ने कहा कि बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में योग दिवस मनाने से न केवल योग बल्कि इस ऐतिहासिक स्थल को भी वैश्विक पहचान मिलती है.
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