Tehran: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान को ‘निहत्था और बेबस’ बताना वास्तविकता से अलग है. अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमलों से मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सैकड़ों इमारतों और ढांचों को नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हुए, जबकि दर्जनों अमेरिकी विमान और ड्रोन भी क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए. अमेरिकी दावों के बीच अराघची ने अमेरिका पर पलटवार किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान की रक्षा क्षमता, नेतृत्व, नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है.
ईरान निहत्था है कहना काल्पनिक बात
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी दावे का मजाक उड़ाते हुए लिखा कि “ईरान निहत्था है” कहना काल्पनिक बात है, जबकि जंग की असली तस्वीर अळग ही है. खुद अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को हुए नुकसान और हथियारों की कमी का विवरण सामने आया है. अराघची ने अमेरिकी नुकसान को “हिमखंड की सिर्फ चोटी” बताया और संकेत दिया कि उनके मुताबिक युद्ध में ईरान द्वारा अमेरिका को पहुंचाए गए नुकसान की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है.
सैन्य विमानों को हुए नुकसान की पुष्टि
यह बयान अराघची का राजनीतिक दावा है. हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग के निरीक्षक की रिपोर्ट में अमेरिकी ठिकानों और सैन्य विमानों को हुए नुकसान की पुष्टि की गई है. अमेरिकी रक्षा विभाग के निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमलों ने कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों इमारतों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचाया या नष्ट किया.
अमेरिकी राजनयिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमेरिकी राजनयिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा. चार देशों में अमेरिकी राजनयिक परिसरों को हुए नुकसान का अनुमान करीब 18.4 करोड़ डॉलर लगाया गया है. रिपोर्ट में अमेरिकी विमानों को हुए नुकसान का भी विवरण दिया गया है. इसमें कई मानवयुक्त विमान और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है.
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