Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चीन की ओर से कथित हथियार आपूर्ति की खबरों पर निराशा व्यक्त की. व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों ने ट्रंप से इन खबरों को लेकर सवाल किया. जवाब में ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने स्पष्ट तौर पर उनसे कहा था कि चीन इस तरह की किसी भी सैन्य आपूर्ति में शामिल नहीं होगा.
अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश
ट्रंप की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई है, जिनमें दावा किया गया कि चीन जल्द ही ईरान को 400 चीनी निर्मित मैनपैड्स एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर उपलब्ध करा सकता है. ये मिसाइल कंधे पर रख कर दागे जा सकते हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
हथियारों की खेप पहले उरुमकी से भेजी जाएगी
रॉयटर्स ने समझौते से जुड़े तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित योजना के अनुसार हथियारों की खेप पहले पश्चिमी चीन के उरुमकी शहर से भेजी जाएगी. इसके बाद यह पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचेगी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान से ईरान तक इन हथियारों को हवाई मार्ग से ले जाया जाएगा या सड़क मार्ग से. ट्रंप ने कहा कि यह मेरे लिए हैरानी की बात है. दुनिया में ऐसी चीजें होती हैं, लेकिन अगर यह सच है तो यह निश्चित रूप से चौंकाने वाला होगा.
जिनपिंग ने मुझसे दृढ़ता से कहा था
ट्रंप ने आगे कहा कि शी जिनपिंग ने मुझसे दृढ़ता से कहा था कि चीन इसमें शामिल नहीं होगा. लेकिन अगर ऐसा हुआ तो उन्हें पता है कि मैं काफी निराश होऊंगा. मेरा मानना है कि वह 24 सितंबर को अमेरिका आने वाले हैं. विदेशी मीडिया की विभिन्न रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शुरुआती योजना के तहत मिसाइलों को चीन के उरुमची से पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचाया जाना था. इन दावों को पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है.
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