‘मैक्रों ने इजरायल-US पर एक शब्द भी नहीं कहा!’ अराघची ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल

Iran vs Israel-US War: मिडिल ईस्ट में संघर्ष के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बहुत बडी मुश्किलों में फंस गए हैं. एक ओर होर्मुज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन देने से इंकार कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी उन्हें निशाने पर ले लिया है. दरअसल, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फ्रांस के मैक्रों की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं.

इजरायल और US के हमले की निंदा

अराघची ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मैक्रों ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले की निंदा में एक शब्द भी नहीं कहा. जब इजरायल ने ईरान में ईंधन के गोदामों को उड़ा दिया था, जिससे लाखों लोग ज़हरीले पदार्थों के संपर्क में आ गए थे. तब भी उन्होंने इजरायल की निंदा नहीं की थी.

हमलों पर लगनी चाहिए रोक

उनकी मौजूदा चिंता हमारे गैस संयंत्रों पर इजरायल के हमले के बाद सामने नहीं आई. यह हमारी जवाबी कार्रवाई के बाद सामने आई है. दुख की बात है. इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने वाले हमलों पर रोक लगनी चाहिए.  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मैक्रों ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और क़तर के अमीर से बात की.

बिना किसी देरी के रोका जाए हमले

उन्होंने कहा कि यह साझा हित में है कि हमलों को बिना किसी देरी के रोका जाए. ख़ासकर ऊर्जा और पानी की सप्लाई वाली सुविधाओं पर. उन्होंने कहा कि नागरिक आबादी और उनकी बुनियादी ज़रूरतें, साथ ही ऊर्जा सप्लाई की सुरक्षा को सैन्य संघर्ष से बचाया जाना चाहिए. ईरान ने क़तर के रास लाफ़ान औद्योगिक क्षेत्र पर हमला किया, जिसमें उसे काफ़ी नुकसान पहुंचा है. ये हमले ईरान के साउथ पार्स पर इजरायली हमले के बाद किए गए.

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