‘अमेरिका को चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत!’ ईरानी युद्धपोत डुबोने पर अराघची ने दी ट्रम्प को धमकी

US-Iran War: अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा अपने एक युद्धपोत को डुबोने के बाद ईरान भड़क गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले को समुद्र में अत्याचार बताया. उन्होंने कहा कि यह युद्धपोत भारत की नौसेना का मेहमान था और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित माना जा रहा था. अराघची ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने समुद्र में एक खतरनाक मिसाल कायम की है. उसे इसका कड़वा पछतावा होगा.

अमेरिकी पनडुब्बी से ईरानी युद्धपोत को डुबोया

बताया जा रहा है कि जहाज पर लगभग 130 नौसैनिक मौजूद थे. हमले में 87 नौसैनिक मारे गए जबकि 32  को बचाया गया. उधर, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि मंगलवार रात हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया. यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया है.

चल रहे युद्ध का छठा दिन

बता दें कि पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का गुरुवार को छठा दिन है और संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है. ईरान के फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरंस अफेयर्स के मुताबिक युद्ध में संघर्ष के दौरान भारी जनहानि हुई है. ईरान 1,045 से अधिक लोगों की मौत हुई है. लेबनान में 70 से अधिक लोग मारे गए हैं. वहीं इजराइल में लगभग 11 से 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अमेरिका के 6  सैनिक मारे गए हैं.

आयोजित शोक समारोह भी स्थगित

संघर्ष की तीव्रता इतनी अधिक है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित शोक समारोह को भी स्थगित करना पड़ा. उनकी मृत्यु युद्ध की शुरुआत में ही हुई थी.1989 में उनके पूर्ववर्ती अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए थे। ईरान के अर्द्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड ने क्षेत्रीय सैन्य और आर्थिक ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है. इसके बाद कई देशों ने सुरक्षा बढ़ा दी है.

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