Tehran: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इसी बीचबड़ी संख्या में लोग लाल झंडे लेकर पहुंचे. तेहरान विश्वविद्यालय के शोधकर्ता मोहम्मद इस्लामी ने बताया कि ये लाल झंडे बदले की मांग का प्रतीक हैं. उनका कहना है कि खामेनेई के समर्थक ईरानी सरकार से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जिन्हें वे उनके नेता की हत्या का जिम्मेदार मानते हैं.
बड़े धार्मिक और वैचारिक मार्गदर्शक
इस्लामी ने कहा कि खामेनेई केवल देश के सर्वोच्च नेता ही नहीं थे, बल्कि उनके समर्थकों के लिए एक बड़े धार्मिक और वैचारिक मार्गदर्शक भी थे. राजधानी तेहरान में इसे लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. अधिकारियों के मुताबिक 3 से 9 जुलाई तक चलने वाले अंतिम विदाई समारोह में एक करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा दुनिया के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भी समारोह में भाग लेने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं.
कई सदस्यों के साथ मौत
खामेनेई की अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत में अपने परिवार के कई सदस्यों के साथ मौत हो गई थी, उन सभी को अब सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. ईरान में इस वक्त खामेनेई के आखिरी सफर के लिए मातम मनाया जा रहा है. अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला धार्मिक परिसर के आसपास की सड़कों पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी.
सड़कों पर जनसैलाब नजर आया
स्थानीय मीडिया के अनुसार, काले कपड़े पहने शोकाकुल लोग ईरानी झंडे और अन्य बैनर लेकर अंतिम विदाई समारोह की ओर बढ़ते दिखाई दिए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सड़कों पर लोगों का जनसैलाब नजर आया. वहीं, ग्रैंड मोसल्ला परिसर के अंदर भी पहले से हजारों लोग मौजूद हैं, जो खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे हैं.
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