US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अपने खतरनाक स्थर पहुंच गया है. ईरान ने रविवार को कुवैत सिटी के मंत्रालय परिसर और शुवैख ऑयल सेक्टर कॉम्प्लेक्स को ड्रोन से निशाना बनाया. सरकार ने एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को इलाके से निकालने और वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया है. कुवैत के वित्त मंत्रालय ने इसे ईरानी आक्रमण बताया.
सरकारी इमारत को भारी नुकसान
कहा कि इस हमले में सरकारी इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है. शुवैख के तेल परिसर में आग भी लग गई. राहत की बात यह रही कि इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई. इसके अलावा कुवैत ने बताया कि उसके दो बिजली उत्पादन प्लांट्स पर ईरानी ड्रोन से हमला हुआ. साथ ही पानी के डीसैलिनेशन प्लांट को भी ईरानी ड्रोन से नुकसान पहुंचा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कुवैत पर हमला कोई सामान्य घटना नहीं है.
अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी का अहम हिस्सा
कुवैत खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक मौजूदगी का अहम हिस्सा है और यहां से कई सैन्य गतिविधियां संचालित होती हैं. ऐसे में ईरान का यह कदम सीधे अमेरिका को चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि अगर उस पर दबाव बनाया गया तो उसके सहयोगी भी सुरक्षित नहीं रहेंगे. कुवैत में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं, जहां दो बड़े पावर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट पर हमले के बाद बिजली उत्पादन यूनिट्स बंद करनी पड़ी हैं.
पानी की सप्लाई का बड़ा संकट
देश की करीब 90% पीने के पानी की सप्लाई इन्हीं प्लांट्स से होती है, जिससे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. ईरान-अमेरिका का युद्ध अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां हर घंटे हालात और खतरनाक होते जा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधा 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है.