Iran News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के कार्यालय ने देश में हाल ही में हुई अशांति के दौरान मारे गए लोगों की एक सूची जारी की है. इस सूची में 2,986 लोगों के नाम शामिल हैं. इसकी जानकारी रविवार को राष्ट्रपति कार्यालय के वेबसाइट पर जारी एक बयान के जरिए दी गई है.
बयान में बताया गया कि यह सूची राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के कानूनी चिकित्सा संगठन से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है. इसमें आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों के जवानों के नाम भी शामिल हैं.
अभी 131 मारे गए लोगों की नहीं हो सकती है पहचान
राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, ईरान में प्रदर्शन के दौरान अब तक कुल 3,117 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से 131 लोग ऐसे भी है, जिनकी अभी तक पहचान नहीं की जा सकी है. ऐसे में उनकी पहचान होने के बाद एक अतिरिक्त सूची जारी की जाएगी.
बयान में कहा गया है कि सरकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही ये भी कहा गया कि मरने वाले सभी लोग ईरान के अपने बच्चे थे और किसी भी पीड़ित परिवार की बात अनसुनी नहीं की जाएगी.
ईरान में कब और क्यों शुरू हुआ प्रदर्शन?
दिसंबर के अंत से जनवरी तक ईरान में कई हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन हुए. ये प्रदर्शन देश की मुद्रा रियाल के तेजी से कमजोर होने के विरोध में शुरू हुए थे. शुरुआत में ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, लेकिन बाद में झड़पों में बदल गए. इस दौरान जानमाल का नुकसान हुआ और मस्जिदों, सरकारी इमारतों और बैंकों को भी नुकसान पहुंचा. ईरान ने इन घटनाओं के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है.
ईरानी सेना प्रमुख ने अमेरिका को दी चेतावनी
इस बीच, ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातामी ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कोई भी गलती करता है, तो इससे उसकी अपनी सुरक्षा, इजरायल की सुरक्षा और पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी.
‘हमारी उंगली ट्रिगर पर…’
दरअसल, तेरहान में एक समारोह के दौरान हातामी ने कहा कि “आज, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बल पूरी तरह से रक्षा और सैन्य तत्परता में हैं और क्षेत्र में दुश्मन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हमारी उंगली ट्रिगर पर है. अगर दुश्मन कोई गलती करता है, तो यह निस्संदेह अपनी सुरक्षा और इजरायल और क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल देगा.”
ईरान ने पड़ोसी देशों के फैसले का किया स्वागत
इस दौरान हातामी ने पड़ोसी देशों की उन घोषणाओं का भी स्वागत किया कि वे अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं होने देंगे, क्योंकि ये देश “जानते हैं कि ईरान के खिलाफ कोई भी असुरक्षा पूरे क्षेत्र को असुरक्षित बना देगी. उन्होंने कहा कि अगर दूसरी पार्टी वास्तव में समस्या का समाधान चाहती है, तो उसे ईरानी जनता के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कही थी ये बातें
यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में एक बड़ा सैन्य बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और ईरान के पास अमेरिका से समझौता करने के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है.
क्या अमेरिका पर हमला करेगा ईरान?
वहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ परमाणु समझौता नहीं करता है, तो यह देखा जाएगा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की चेतावनी सही साबित होती है या नहीं. खामेनेई ने कहा था कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो इससे पूरे क्षेत्र में युद्ध भड़क सकता है.
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