US-Israel Iran Attack: अबू धाबी से भारत के लिए चार विशेष फ्लाइटें उड़ानें भर रही हैं. सोमवार को दिल्ली पहुंची पहली उड़ान में 300 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित घर लौटे हैं. एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY 216, जो Abu Dhabi (संयुक्त अरब अमीरात) से आई थी. सोमवार रात 8:30 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन पर उतरी. बाकी तीन फ्लाइटें मुंबई (7:40 बजे), बेंगलुरु (9:45 बजे) और कोच्चि (10:10 बजे) पहुंचीं.
सैकड़ों भारतीय लौटेंगे अपने घर
आने वाले दिनों में अन्य एयरलाइंस की भी कई उड़ानें आने वाली हैं. जिनमें सैकड़ों भारतीय अपने घर लौटेंगे. लौटे भारतीयों ने बातचीत में वहां के खौफनाक मंजर और भारत लौटकर मिली राहत के बारे में कभी खुशी तो कभी आंसुओं से भरी आंखों को पोछते हुए बताया. दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 पर इस दौरान बेहद भावुक नजारा देखने को मिला, भारतीय लोग अपने परिजनों को देखकर न केवल खुश हुए बल्कि उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल रहे थे.
ड्रोन और मिसाइल हमलों में नुकसान
कुछ लोग अपने दोस्तों के लिए फूल भी लेकर पहुंचे थे. अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उन जगहों में से एक था, जिन्हें ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों में नुकसान पहुंचा था. यह हमला अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई के जवाब में किया गया था. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी दिखा.
लगातार तीसरे दिन उड़ानों पर असर
सोमवार को लगातार तीसरे दिन उड़ानों पर असर पड़ा. 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं और 200 से ज्यादा उड़ानें (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) देरी से चलीं. हालांकि, रविवार की तुलना में स्थिति थोड़ी बेहतर रही. रविवार को 104 उड़ानें रद्द हुई थीं और 400 से ज्यादा देरी से चली थीं. इस दौरान एयरपोर्ट पर टिकट काउंटरों के पास भीड़ लगी रही. लोग रद्द हुई उड़ानों को दोबारा बुक कराने या एयरलाइन से जानकारी लेने की कोशिश कर रहे थे.
ज्यादा दिन रुकने के लिए होटल भी बुक
कुछ लोग दिल्ली में ज्यादा दिन रुकने के लिए होटल भी बुक कर रहे थे. इस दौरान एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अस्थायी वीजा दिया गया है ताकि वे टर्मिनल से बाहर जा सकें. उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. सोमवार को रविवार की तुलना में ज्यादा उड़ानें यूरोप और अन्य देशों के लिए रवाना हो सकीं. 55 साल के विनोद शर्मा ने कहा कि बेटा शनिवार से अबू धाबी में फंसा हुआ था. वह मैनचेस्टर (यूके) से आ रहा था और बीच में अबू धाबी में रुका था.
फिर भी समय पर लौट नहीं पाई
वहीं 50 साल की दानिश्ता परवीन ने अपनी बेटी को गले लगाते हुए रुंधे गले से कहा कि उनकी 26 साल की बेटी एतिहाद एयरवेज में काम करती है, उसे 28 फरवरी को लौटना था लेकिन फिर भी वह समय पर लौट नहीं पाई. उसने फोन पर बताया कि मिसाइलों की वजह से एयरपोर्ट की दीवारें हिल रही थीं. कल उसका जन्मदिन भी है, इसलिए मुझे खुशी है कि वह घर लौट आई और हमारे साथ जन्मदिन मना सकेगी.
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