समुद्र के नीचे के रास्ते को बंद कर रहा चीन, अमेरिका ने दी बड़ी चेतावनी

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US China: अमेरिकी नौसेना के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने सांसदों को बताया कि चीन अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे समुद्री क्षेत्र में वर्चस्व को कम करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है. उन्होंने ‘आपकी दुनिया का हिस्सा: समुद्र के नीचे अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा’ शीर्षक से अमेरिकी-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की सुनवाई में अपने विचार रखे.

समुद्र के नीचे अमेरिका की बढ़त अभी भी मजबूत है

अमेरिकी नौसेना पनडुब्बी बलों के कमांडर वाइस एडमिरल रिचर्ड सेफ ने कहा कि समुद्र के नीचे अमेरिका की बढ़त अभी भी मजबूत है, लेकिन दबाव में है. रिचर्ड सेफ ने कहा कि समुद्र के नीचे अमेरिका की सैन्य बढ़त हिंद-प्रशांत क्षेत्र में प्रतिरोध और युद्धक क्षमता का एक निर्णायक और स्थायी स्रोत रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन लाभों को बनाए नहीं रखा गया तो ये कमजोर पड़ जाते हैं.

चीन ‘गुप्त क्षमता’ को कम करने के लिए काम कर रहा US China

सेफ ने कहा कि चीन अमेरिका की ‘गुप्त क्षमता’ को कम करने के लिए काम कर रहा है. उन्होंने तेजी से पनडुब्बियों के आधुनिकीकरण, मजबूत पनडुब्बी-रोधी युद्ध क्षमताओं और समुद्र तल संवेदन नेटवर्क का हवाला दिया, जिसे कभी-कभी ‘पानी के नीचे की महान दीवार’ के रूप में बोला जाता है. उन्होंने कहा कि बीजिंग के निवेश का उद्देश्य प्रमुख समुद्री मार्गों, विशेष रूप से चोकपॉइंट्स के पास और पहली द्वीप शृंखला के भीतर, अमेरिकी कार्रवाई की स्वतंत्रता को कम करना है.

पनडुब्बी क्षेत्र में चार प्रमुख लाभ बताए

सेफ ने छुपकर काम करने की क्षमता और जीवित रहने की क्षमता, शक्ति प्रदर्शन, समुद्री क्षेत्र में घुसपैठ रोकने और नियंत्रण, और रणनीतिक प्रतिरोध, पनडुब्बी क्षेत्र में चार प्रमुख लाभ बताए.. उन्होंने कहा कि पनडुब्बियां सबसे अधिक जीवित रहने योग्य सैन्य उपकरण बनी हुई हैं. उन्होंने आगे कहा कि उनकी बिना पता चले काम करने की क्षमता संकट की स्थिति में अमेरिका के विश्वसनीय प्रतिक्रिया ऑप्शन का बेस है.

सेफ ने दी चेतावनी

रिचर्ड सेफ ने चेतावनी दी कि चीन की शांत प्रणाली, सेंसर और हथियारों में मामूली सुधार भी विवादित जलक्षेत्रों में संतुलन बिगाड़ सकता है. अमेरिका की बढ़त बनाए रखने के लिए, उन्होंने पनडुब्बियों की तैयारी को प्राथमिकता देने, औद्योगिक आधार को मजबूत करने, रखरखाव में तेजी लाने, मानवरहित प्रणालियों में निवेश करने और सहयोगी देशों के बीच अंतर-संचालन को बढ़ाने का आग्रह किया. रिचर्ड सेफ ने कहा कि सबसे अच्छी पनडुब्बी वह है जो तैयार हो, चालक दल से युक्त हो और जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ सके.

माइक ब्रूक्स ने भी इस चेतावनी का समर्थन किया

बता दें कि नौसेना खुफिया कार्यालय के कमांडर रियर एडमिरल माइक ब्रूक्स ने भी इस चेतावनी का समर्थन किया. माइक ब्रूक्स ने कहा कि चीन का पनडुब्बी आधुनिकीकरण अमेरिकी समुद्री श्रेष्ठता को चुनौती देने के बड़े प्रयास का हिस्सा है. ब्रूक्स ने गवाही देते हुए कहा कि चीन ‘दुनिया के सबसे बड़े पनडुब्बी बेड़ों में से एक’ का संचालन कर रहा है, जिसमें परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बियां, बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां और उन्नत डीजल-इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म सहित 60 से अधिक पनडुब्बियां शामिल हैं.

बीजिंग परमाणु ऊर्जा से लैस बेड़े की ओर बढ़ रहा

उन्होंने कहा कि बीजिंग परमाणु ऊर्जा से लैस बेड़े की ओर बढ़ रहा है और 2030 के दशक तक विकास करने करने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार कर रहा है. ब्रूक्स ने चीन के ‘प्रणालीगत टकराव’ दृष्टिकोण को लेकर अपने विचार रखे. यह पनडुब्बियों, विमानों, समुद्र तल सेंसरों और मानवरहित प्लेटफार्मों को एक नेटवर्क युक्त पनडुब्बी-रोधी संरचना में एकीकृत करता है.

उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य (US China) रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलक्षेत्रों में अमेरिकी पनडुब्बियों का पता लगाने और उन पर नजर रखने में सुधार करना और संकट की स्थिति में अमेरिकी हस्तक्षेप की लागत को बढ़ाना है. ब्रूक्स ने मानवरहित पनडुब्बी वाहनों, समुद्र तल सेंसर नेटवर्क और गहरे समुद्र में खनन प्रौद्योगिकियों में चीन के निवेश की ओर भी इशारा किया.

संघर्ष की स्थिति में समुद्र तल प्रणालियां लक्ष्य बन सकती हैं

उन्होंने कहा कि चीन रणनीति, नौसेना आधुनिकीकरण, समुद्र तल अवसंरचना और संसाधन निष्कर्षण को जोड़ने वाला एक एकीकृत दृष्टिकोण अपना रहा है. ब्रूक्स ने चेतावनी दी कि संघर्ष की स्थिति में पनडुब्बी केबल और समुद्र तल प्रणालियां लक्ष्य बन सकती हैं. ब्रूक्स ने कहा कि 2040 तक, पीएलए नौसेना की पनडुब्बी सेनाएं ‘अमेरिकी क्षेत्रीय समुद्री प्रभुत्व को विश्वसनीय रूप से चुनौती दे सकती हैं,’ जिससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संकट प्रतिक्रिया और सहयोगी रक्षा पेचीदा हो जाएगी.

समुद्र को पूरी तरह पारदर्शी बनाना नहीं है मुद्दा

दोनों अधिकारियों ने इस बात (US China) पर जोर दिया कि मुद्दा समुद्र को पूरी तरह पारदर्शी बनाना नहीं है. यह प्रमुख क्षेत्रों में अमेरिका की गुप्त गतिविधियों की क्षमता को कम करने से संबंधित है. उन्होंने कहा कि दांव पर लगी चीजे सैन्य संतुलन से कहीं अधिक व्यापक हैं. अधिकांश वैश्विक डेटा आवागमन और वित्तीय लेनदेन समुद्र के नीचे ही होते हैं. इससे केबल सुरक्षा और समुद्र तल की मजबूती आर्थिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है.

अमेरिका के पास अभी भी समुद्र के नीचे निर्णायक बढ़त है

भारत और (US China) अन्य हिंद-प्रशांत देशों के लिए, इन दोनों अधिकारियों की गवाही ने हिंद महासागर में चीन की बढ़ती पनडुब्बी पहुंच और बढ़ती उपस्थिति को उजागर किया. सुनवाई से यह स्पष्ट संदेश मिला कि अमेरिका के पास अभी भी समुद्र के नीचे निर्णायक बढ़त है, लेकिन इसे बनाए रखने के लिए निरंतर निवेश, नवाचार और सहयोगियों के साथ घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता होगी, क्योंकि प्रतिद्वंद्विता सतह के नीचे और भी गहरी होती जा रही है.

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