Tehran: तेहरान मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संभावित संघर्ष को खत्म करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में जुटा हुआ है. इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान का दौरा करने जा रहे हैं. अराघची पहले ओमान और रूस की यात्रा करेंगे और उसके बाद दोबारा पाकिस्तान पहुंचेंगे. संभावना है कि वह रविवार को इस्लामाबाद लौटेंगे. यह जानकारी ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने दी है.
कई तरह के भू-राजनीतिक तनाव
अराघची उस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे, जिसने हाल ही में तेहरान में युद्ध समाप्त करने और शांति बहाल करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की थी. मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया इस समय कई तरह के भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रहे हैं. ऐसे में ईरान, पाकिस्तान और अन्य देशों के बीच लगातार कूटनीतिक संपर्क बढ़ रहा है. ईरान क्षेत्रीय शांति स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है.
संतुलन बनाने की कोशिश
पाकिस्तान भी अंतरराष्ट्रीय दबाव और सुरक्षा चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. ओमान और रूस जैसे देश भी मध्यस्थता और संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. अराघची का बार-बार पाकिस्तान दौरा क्यों हो रहा है? जानकार विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहता है. युद्ध विराम और बातचीत के रास्ते तलाशे जा रहे हैं. कई देशों के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी तेज हो गई है. विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस दौरे के बाद क्षेत्रीय शांति वार्ता को गति मिल सकती है.
बड़े संघर्ष को टालने में मदद
ईरान-पाकिस्तान संबंध और मजबूत हो सकते हैं. बड़े संघर्ष को टालने में मदद मिल सकती है. अराघची ने इससे पहले शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर और वरिष्ठ अधिकारियों से मिले थे, लेकिन इन चर्चाओं में कोई सफलता नहीं मिली थी. इसके बाद वह मस्कट पहुंचे थे. अमेरिकी वार्ताकारों के भी शनिवार को पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन ईरान के वार्ता से इनकार के बाद ट्रंप ने इसे रोक दिया.
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