खामेनेई के खिलाफ ईरान की लड़कियों ने उठाया ‘आजादी’ का झंडा, तीसरे दिन भी यूनिवर्सिटी में फैला विद्रोह

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran Protest: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार के लिए परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति मीडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते जा रहे हैं और किसी भी वक्त हमला करने की धमकी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के अंदर ही छात्रों ने फिर से बगावत शुरू कर दी है.

बता दें कि तेहरान में सोमवार को लगातार तीसरे दिन कई यूनिवर्सिटीज में छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए. वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो वायरल होने लगे हैं. यह प्रदर्शन बीते सप्‍ताह शुरु हुए थे. ऐसे में सोमवार को तीन यूनिवर्सिटी में विरोध हुआ, जिसमें शरीफ यूनिवर्सिटी, तेरहान यूनिवर्सिटी और अल जहरा यूनिवर्सिटी शामिल है. मीडिया के मुताबिक, कुछ जगहों पर छात्रों और ईरान के अर्धसैनिक बल बसिज के बीच झड़प भी हुई.

क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन मे लगाए नारे

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मास्क पहनकर नारे लगाए और ताली बजाई. कुछ छात्रों ने पुराने शाही झंडे को भी दिखाया और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए.  इसी बीच तेहरान यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने बताया कि यहां छात्रों ने “औरत, जिंदगी, आजादी” के नारे लगाए और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को हटाने की मांग की.

क्या ईरान में खामेनेई का डर कम हो रहा?

दरअसल,यह विरोध प्रदर्शन ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच हो रहा है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अब ईरान पर समझौता करने का दबाव बना रहे है. उन्‍होंने बातचीत करते समय मिडिल ईस्ट में सैन्य बल और दबाव बनाया है. गुरुवार को जिनेवा में अगले दौर की बातचीत होनी है. ऐसे में ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो “वास्तव में बुरी चीजें होंगी”. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को कहा कि ईरान किसी भी हमले का “कठोर” जवाब देगा.

ईरान के छात्र फिर से प्रदर्शन कर रहे हैं और यह दिखाता है कि वो पिछले प्रदर्शन के हिंसक दमन से डरे नहीं है. ईरान में इससे पहले जनवरी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. तब ट्रंप ने वादा किया था कि वो ईरान के लोगों की मदद के लिए आएंगे लेकिन जब खामेनेई सरकरा ने भीषण कार्रवाई शुरू की तो न ट्रंप आए और न उनकी सेना. ट्रंप ने अब अपना ध्यान परमाणु समझौते की ओर मोड़ लिया है.

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