New Delhi: ईरान अब यूरोपीय संघ पर भडक गया है. ईरान ने अपने सभी EU राजदूतों को तलब किया है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने पत्रकारों को बताया कि इन राजदूतों को रविवार को तलब किया गया था. बता दें कि यूरोपीय संघ ने ईरान की अर्द्धसैनिक इकाई रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित किया है. इसी फैसले के विरोध में ईरान ने सभी EU राजदूतों को बुलाया है.
हिंसक कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
यह तनाव ईरान में प्रदर्शनों पर हुई हिंसक कार्रवाई के बाद बढ़ा है. अमेरिका ने क्षेत्र में युद्धपोत तैनात किए हैं जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई और सैन्य अभ्यास की चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बीच यह निर्णय लिया गया. इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि वे EU के फैसले को गैरकानूनी और अस्वीकार्य मानते हैं और आवश्यक कूटनीतिक कार्रवाई करने का संकेत दिया है.
पश्चिमी देशों पर दखलअंदाजी का आरोप
यूरोपीय संघ ने जनवरी में ईरान में हुए विरोध-प्रदर्शनों पर रिवोल्यूशनरी गार्ड की कथित हिंसक कार्रवाई और दमन के आधार पर इसे आतंकवादी समूह घोषित किया था. EU के इस निर्णय के बाद से ईरान-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा है. ईरान ने कई बार पश्चिमी देशों पर दखलअंदाजी का आरोप लगाया है. राजदूतों को तलब करने का यह कदम ईरान की कूटनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे यूरोपीय संघ के साथ संवाद और सहयोग के स्तर पर बदलाव की संभावना बढ़ गई है.
ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले का खतरा
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमले का खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने अपने युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और कई मिसाइल नष्ट करने वाले जहाजों को मिडिल ईस्ट भेज दिया है. ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हुई कड़ी कार्रवाई और फांसी की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने यह सैन्य तैनाती की है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बल प्रयोग करेंगे या नहीं?
इसे भी पढ़ें. रूस ने यूक्रेन में मजदूरों के सर्विस बस को बनाया निशाना, सुसाइड ड्रोन हमले में 15 की जिंदा जलकर मौत