Us Iran War: ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिसमें 37 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.
अमेरिका को कड़ी चेतावनी
विशेषज्ञ इसे सूचना युद्ध (propaganda war) का हिस्सा भी मान रहे हैं. उधर, ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि मौजूदा संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्थायी हार और पछतावा नहीं झेलना पड़ता. यह बयान Iran-Israel conflict escalation के बीच आया है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है.
ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर
ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड सेंटर खातम अल-अनबिया Central Headquarters के प्रवक्ता ने अमेरिका के उन दावों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो चुकी है. ईरान का कहना है कि उसकी वास्तविक ताकत का सही अंदाजा अमेरिका को नहीं है. ईरान के अनुसार, अमेरिका की खुफिया जानकारी अधूरी और भ्रामक है.
ईरान की सैन्य ताकत को कम आंकना बड़ी गलती
प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को कम आंकना बड़ी गलती होगी. ईरान ने दावा किया कि उसके पास आधुनिक मिसाइल सिस्टम, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एयर डिफेंस और रणनीतिक हथियार पूरी तरह सक्रिय हैं और वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है. ईरान ने दो टूक कहा कि यह संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक अमेरिका को इसका परिणाम नहीं भुगतना पड़ता.
आगे और भी कड़े और विनाशकारी हमले
साथ ही चेतावनी दी गई कि आगे और भी कड़े और विनाशकारी हमले हो सकते हैं. ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान की नौसेना पूरी तरह खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना बर्बाद हो गई है और IRGC की लीडरशिप पूरी तरह तबाह हो चुकी है.
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