Iran Attack on Kuwait: ईरान ने बुधवार तड़के कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. ईरान ने इन हमलों को अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है. ईरानी सशस्त्र बलों के अनुसार, अमेरिका ने इससे पहले ईरान के क़ेश्म द्वीप पर एक दूरसंचार केंद्र और एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था. इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया.
तेज धमाकों की आवाजें सुनीं
हमले के बाद कुवैत के कई इलाकों में लोगों ने तेज धमाकों की आवाजें सुनीं. कुवैती सेना ने पुष्टि की कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रूप से मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश कर रही थी. सेना की जनरल स्टाफ शाखा ने बयान जारी कर कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रही हैं. अधिकारियों ने साफ किया कि लोगों को सुनाई देने वाली धमाकों की आवाजें इंटरसेप्शन ऑपरेशन का हिस्सा थीं.
नागरिकों और प्रवासियों को चेतावनी
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने नागरिकों और प्रवासियों को चेतावनी दी कि वे किसी भी गिरे हुए मलबे, धातु के टुकड़ों या संदिग्ध वस्तुओं के पास न जाएं. सेना ने कहा कि ऐसे अवशेष खतरनाक हो सकते हैं. अधिकारियों ने लोगों से किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर देने की अपील की है. साथ ही केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
पूरे देश में चेतावनी सायरन बजाए
हमलों के बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में चेतावनी सायरन बजाए. नागरिकों और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया. ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी साझा किए, जिनमें बहरीन के आसमान से मिसाइलें गुजरती दिखाई देने का दावा किया गया.
कथित आक्रामक कार्रवाइयों का जवाब
ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह हमला अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयों का जवाब था. ईरानी सेना ने कहा कि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि किसी भी हमले का जवाब पहले से अधिक कड़ा और अलग तरीके से दिया जाएगा. ईरानी बयान में कहा गया, हमने पहले चेतावनी दी थी कि यदि हमारे खिलाफ कार्रवाई हुई तो उसका जवाब अधिक गंभीर होगा और आज रात हमने वही किया है.
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