Iran US Tension: सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने इराकी हवाई क्षेत्र से देश की सीमा में घुसे 3 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हमले के प्रयास का जवाब देने के लिए सभी आवश्यक सैन्य कदम उठाए जाएंगे.
रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि तीन ड्रोन को देश के हवाई क्षेत्र में घुसने के बाद रोककर नष्ट कर दिया गया, जो इराकी हवाई क्षेत्र से आए थे.
तुर्की के पास है जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि सऊदी अरब के पास उचित समय और स्थान पर जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है. वह देश की संप्रभुता, सुरक्षा व उसके नागरिकों और निवासियों की हिफाजत के विरुद्ध किसी भी प्रकार की आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए सभी आवश्यक परिचालन उपाय करेगा और उन्हें लागू भी करेगा.
बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र की भीतरी परिधि के बाहर लगी आग
बता दें कि पिछले महीने, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने रियाद में इराक के राजदूत को तलब किया. इस दौरान मंत्रालय ने इराक के क्षेत्र से छोड़े गए ड्रोन का इस्तेमाल करके किंगडम और खाड़ी के अन्य देशों को लगातार निशाना बनाने वाले हमलों और धमकियों को इसका कारण बताया. इस बीच, सऊदी अरब ने संयुक्त अरब अमीरात पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की. बता दें कि इस हमले के कारण बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र की भीतरी परिधि के बाहर आग लग गई थी.
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने दो ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक लिया था, जबकि तीसरा ड्रोन अबू धाबी के अल-धफरा क्षेत्र में स्थित परमाणु सुविधा के पास एक बिजली जनरेटर से टकरा गया. मंत्रालय ने बताया कि ये ड्रोन पश्चिमी सीमा की तरफ से आए थे, हालांकि उसने इस बारे में और अधिक विवरण नहीं दिया.
संघर्ष के वजह से सऊदी अरब में भी अस्थिरता
दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के वजह से सऊदी अरब में भी अस्थिरता बनी हुई है. फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ संयुक्त हमले शुरू किए जाने के बाद से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा. वहीं, सऊदी मंत्रालय ने हाल के महीनों में देश के हवाई क्षेत्र में घुसने वाले कई ड्रोन को रोकने और नष्ट करने की घोषणा की.
अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा संघर्ष विराम
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की थी. इस दौरान ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है, पर हमले किए. साथ ही, उसने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया.
इसके बाद 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक संघर्ष विराम लागू हुआ, लेकिन इस्लामाबाद में हुई बातचीत से कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका. बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संघर्ष विराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया.

