US-Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच जंग री.स्टार्ट हो चुकी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म कर दिया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने भारतीय तेल टैंकर को ओमान के समुद्री रास्ते से गुजरने से रोक दिया और उसे जबरन वापस लौटने पर मजबूर कर दिया. तेहरान का कहना है कि अब पुराना दौर भूल जाओ.
भीख की तरह इजाजत मांगनी होगी
ईरान ने ऐलान कर दिया कि अब जो भी कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरेंगे, उन्हें पहले ईरान की ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से भीख की तरह इजाजत मांगनी होगी. ईरान के तय किए रास्तों पर चलना होगा और तेहरान को भारी-भरकम टैक्स या फीस देनी होगी. ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को स्वेज नहर की तरह अपनी जागीर बनाना चाहता है, जिससे अमेरिका और इजरायल भड़क गए हैं.
रेडियो संदेश भेजकर कड़ी चेतावनी
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के अनुसार, ओमान और संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संस्था (IMO) द्वारा हाल ही में घोषित किए गए अस्थाई कॉरिडोर से जा रहे इस भारतीय जहाज को ईरानी सेना (IRGC) ने रेडियो संदेश भेजकर कड़ी चेतावनी दी और ओमान के बजाय ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते का इस्तेमाल करने का अल्टीमेटम दिया. खाड़ी देशों में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अमेरिका की देखरेख में ओमान के तट के साथ-साथ एक विशेष मानवीय कॉरिडोर बनाया गया था, जिसे ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है.
पूरी लड़ाई की बड़ी जड़ ‘होर्मुज’
ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और अब उसका लालच और बढ़ गया है. इस पूरी लड़ाई की सबसे बड़ी जड़ बना है दुनिया का सबसे सेंसिटिव समुद्री रास्ता- ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, जहां ईरान एक खतरनाक नया खेल खेलने की जिद पर अड़ गया है. ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का लगभग 20 से 30 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. मार्च और अप्रैल के महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर गोलाबारी हो रही थी, तब ईरान ने इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी थी. बाद में जून के महीने में दोनों देशों के बीच ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ साइन हुआ और कुछ शर्तों पर युद्धविराम हुआ था.
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