Tata Motors Roadmap: अगले 5 साल में 40,000 करोड़ रुपये लगाएगी टाटा मोटर्स, 12 लाख से ज्यादा कारें बेचने का लक्ष्य

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Tata Motors Roadmap: टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए अगले पांच वर्षों का बड़ा रोडमैप पेश किया है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक सालाना 12 लाख से अधिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री और घरेलू बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए कंपनी नए उत्पादों और विनिर्माण क्षमता के विस्तार पर करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.

कंपनी की तैयारी सिर्फ बिक्री बढ़ाने तक सीमित नहीं है. आने वाले वर्षों में 6 नए मॉडल लॉन्च किए जाएंगे, 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों को अपडेट किया जाएगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ाई जाएगी. वहीं वित्त वर्ष 2031 तक 1.4 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है. टाटा मोटर्स की यह रणनीति आने वाले वर्षों में भारतीय पैसेंजर वाहन बाजार की प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकती है.

2030 तक सालाना 12 लाख से ज्यादा वाहन बेचने का लक्ष्य

बुधवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित कंपनी की 81वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी के अगले पांच वर्षों के लक्ष्यों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2030 के दशक के बीच पैसेंजर वाहन बिक्री में 10 गुना वृद्धि हासिल करना चाहती है. एन. चंद्रशेखरन ने कहा, “अगले पांच वर्षों के लिए कंपनी ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2030 के दशक में हम 10 गुना बिक्री वृद्धि हासिल करना चाहते हैं. हमारा लक्ष्य 12 लाख से अधिक वाहनों की वार्षिक बिक्री और मौजूदा 14.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है.”

6 नए मॉडल होंगे लॉन्च

टाटा मोटर्स अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में 6 नए मॉडल लॉन्च करेगी. इसके साथ ही कंपनी 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों को अपडेट करने की योजना पर भी काम करेगी. कंपनी का उद्देश्य ग्राहकों के लिए नए विकल्प पेश करने के साथ अपने मौजूदा वाहन पोर्टफोलियो को मजबूत करना है. इस पूरी रणनीति में लाभप्रदता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

40,000 करोड़ रुपये का होगा बड़ा निवेश

कंपनी अपनी विकास रणनीति को लागू करने के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. यह राशि नए उत्पादों के विकास और विनिर्माण क्षमता के विस्तार पर खर्च की जाएगी. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेश चंद्रा ने बताया कि कंपनी इस निवेश के जरिए भविष्य की मांग के अनुरूप अपनी क्षमता और उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी.

EV की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से ज्यादा करने की तैयारी

टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार के लिए भी बड़ा लक्ष्य तय किया है. कंपनी को उम्मीद है कि दशक के अंत तक उसकी कुल पैसेंजर वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी. इसके साथ ही कंपनी का लक्ष्य डबल डिजिट EBITDA मार्जिन हासिल करना है. यानी बिक्री बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी अपने कारोबार की लाभप्रदता मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी.

1.4 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य

शैलेश चंद्रा ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक 1.4 लाख करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2031 तक टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का लक्ष्य 1.4 लाख करोड़ रुपये का राजस्व, डबल डिजिट EBITDA मार्जिन और 5 प्रतिशत से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करना है. इससे कंपनी का कर-पूर्व लाभ मौजूदा स्तर से पांच गुना से अधिक हो जाएगा.”

कर-पूर्व लाभ 5 गुना से अधिक करने की योजना

कंपनी की रणनीति के अनुसार, डबल डिजिट EBITDA मार्जिन और 5 प्रतिशत से अधिक EBIT मार्जिन हासिल करने पर जोर रहेगा. इससे टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का कर-पूर्व लाभ मौजूदा स्तर के मुकाबले पांच गुना से अधिक हो सकता है. कंपनी बिक्री, बाजार हिस्सेदारी और राजस्व बढ़ाने के साथ अपने कारोबार को अधिक लाभदायक बनाने की दिशा में काम करेगी.

10,000 करोड़ रुपये फ्री कैश फ्लो का भी लक्ष्य

शैलेश चंद्रा ने बताया कि नए उत्पादों और विनिर्माण क्षमता के विस्तार पर करीब 40,000 करोड़ रुपये निवेश करने के साथ कंपनी ने 10,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो हासिल करने का लक्ष्य भी तय किया है. इस तरह टाटा मोटर्स की अगले पांच वर्षों की योजना में 12 लाख से अधिक वार्षिक वाहन बिक्री, 20 प्रतिशत घरेलू बाजार हिस्सेदारी, 6 नए मॉडल, 20 से अधिक मॉडल अपडेट, EV बिक्री की 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी और बड़े पैमाने पर निवेश जैसे लक्ष्य शामिल हैं.

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