Iran Us War: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को अभी महीने दिन भी नही हुआ था कि ये डील खत्म हो गई. ऐसे में खबर है कि ईरान एक बार फिर से परमाणु ठिकानों को दोबारा तैयार कर रहा है. दरअसल, अनुमान लगाया जा रहा हैं कि ईरान ने चोरी-छिपे अपने तबाह हो चुके परमाणु ठिकानों को फिर से खड़ा करना शुरू कर दिया है. एक खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान फिर से तबाह हुए न्यूक्लियर ठिकानों में जान डालने की कोशिश में जुटा है.
‘इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी’ के साथ किए गए सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण में यह सामने आया है कि ईरान उन संदिग्ध परमाणु साइटों पर फिर से निर्माण कर रहा है, जिन्हें कुछ समय पहले ही निशाना बनाया गया था.
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए युद्धविराम समझौते को खत्म घोषित करते हुए नए हमलों के आदेश दिए हैं. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ईरान ने इस ताजा तनाव से पहले ही समझौते की पीठ में छुरा घोंप दिया था?
सैटेलाइट तस्वीरों में क्या हुआ कैद?
रिपोर्ट के अनुसार, इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें ईरान के ‘पारचिन’ इलाके पर टिकी हैं. यह वही जगह है जिसके बारे में माना जाता है कि यहां परमाणु हथियारों से जुड़े विस्फोटक तैयार किए जाते थे. वहीं, इस साल की शुरुआत में ही जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की थी, तो उससे ठीक पहले ईरान ने पारचिन की अहमियत को देखते हुए इसके चारों तरफ एक कंक्रीट की मजबूत ढाल बनाई थी. फिर भी अमेरिकी हमले में इस साइट को भारी नुकसान पहुंचा था.
लेकिन अब जून और जुलाई की जो नई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. दरअसल, जून में जो तस्वीरें सामने आई थी उसमें ईरान ने हमलों से हुए गड्ढों और नुकसान को छिपाने के लिए उन पर अस्थायी कवर (परदे) डाल दिए थे. वहीं जुलाई में जो तस्वीरे आई है उसमें अस्थायी कवरों को हटाकर वहां जाली लगी हुई दिखाई दे रही है. जो इस बात की ओर इशारा करती है कि वहां मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है.
हालांकि संदेह के घेरे में सिर्फ पारचिन ही नहीं है. रिपोर्ट में ‘पिकैक्स माउंटेन’ का भी जिक्र किया गया है, जिसका भी सीधा कनेक्शन ईरान के परमाणु कार्यक्रम से माना जाता है.
ईरान में मिसाइल ठिकानों का हाल
बता दें कि ईरान के मुख्य परमाणु ठिकाने इस्फहान, फोर्डो और नतांज फिलहाल इस नई हलचल से अछूते दिख रहे हैं. वहां किसी नए बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं. लेकिन, सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने अपने मिसाइल स्टोरेज सेंटर्स पर भी काम शुरू कर दिया है. दरअसल, अमेरिका और उसके सहयोगी देश हमेशा से ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर चिंता जताते रहे हैं और अब कई मिसाइल साइटों पर मरम्मत का काम शुरू होना उनकी रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी है.

