Iran US War : ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की शांति वार्ता की संभावनाओं के बीच बड़ा बयान दिया है. ऐसे में ईरान की सेना का कहना है कि उसने इजरायल और अमेरिका खिलाफ युद्ध में अब तक अपनी बड़ी मिसाइल क्षमता का इस्तेमाल ही नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि क्रेमलिन द्वारा दिए गए एक बयान में कहा गया था कि ईरान के पास कुछ ऐसी रहस्यमयी मिसाइलें हैं या हो सकती हैं, जिनके बारे में अभी तक दुनिया को नहीं पता. बता दें कि ईरान ने अपने इस बयान से रूस के उस दावे पर एक तरह से मुहर लगा दी है. ईरान के इस दावे से अमेरिका और इजरायल दोनों के होश उड़ गए है. क्योंकि ट्रंप और नेतन्याहू का दावा था कि ईरान के मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल रेजा तलाई-निक ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया और कहा कि दोनों देशों के बीच काफी लंबे समय से चल रहे संघर्ष के दौरान ईरान की मिसाइल क्षमता का एक बड़ा हिस्सा जानबूझकर इस्तेमाल नहीं किया गया. ऐसे में जनरल तलाई-निक ने दावा किया कि ईरानी सशस्त्र बलों ने युद्धविराम (सीजफायर) से ठीक पहले तक इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों के आकाश पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा था. ऐसे में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ईरान के पास अभी भी पर्याप्त उन्नत मिसाइलें बाकी हैं, जो जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल की जा सकती हैं.
ईरानी मिसाइलों ने मिडिल-ईस्ट में मचाई थी तबाही
इस मामले को लेकर मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि ईरानी मिसाइलों ने पूरे मिडिल-ईस्ट में भीषण तबाही मचा रखी थीं. बता दें के दोनों देशों के बीच चल रहे हमले में ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया, लेकिन फिर भी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि देश ने अपनी पूरी ताकत नहीं झोंकी. इसके साथ ही ईरानी अधिकारी इसे अपनी रणनीतिक तैयारियों का हिस्सा बता रहे हैं. ऐसे में इसे लेकर जनरल तलाई-निक का कहना है कि “हमारी मिसाइल क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा अभी भी इस्तेमाल नहीं हुआ है.” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी सेना ने संघर्ष के दौरान दुश्मन के आकाश में मजबूत पकड़ बनाए रखी.
कभी न देखी गई मिसाइलें ईरान के पास मौजूद- रूस
इतना ही नही बल्कि कुछ दिनों पहले रूस ने भी एक बयान में कहा था कि ईरान के पास पहले कभी नहीं देखी गई क्षमता वाली मिसाइलें हो सकती हैं. ऐसे में ईरान का यह दावा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच तनाव चरम सीमा पर है. बता दें कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. ऐसे में जवाबी कार्रवाई में ईरान ने भी कई बार हमले किए. लेकिन अब कह रहा है कि उसकी असली ताकत अभी बरकरार है. इसे लेकर ईरानी प्रवक्ता ने ये भी कहा कि देश लंबे संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने ये भी कहा कि सीजफायर के बाद जनता की भागीदारी एक “सामाजिक चमत्कार” जैसी रही.
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