सेल्फी और सैर-सपाटा कर लौटते समय ईरानी नौसैनिकों के युद्धपोत पर हमला, अमेरिका ने IRIS Dena को बनाया निशाना

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran warship attack: कब किसे क्‍या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता है. ऐसा ही कुछ ईरानी नौसैनिकों के साथ भी हुआ है. दरअसल, ईरानी नौसैनिक कुछ दिन पहले तक भारत में अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए विशाखापट्टनम में घूमने-फिरने, खरीदारी और सेल्फी लेने में व्यस्त थे. लेकिन भारत से लौटते समय उनका युद्धपोत IRIS Dena हिंद महासागर में अमेरिकी हमले का शिकार हो गया.

इस जहाज पर करीब 180 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें से 101 से ज्यादा नौसैनिक लापता बताए जा रहे हैं. करीब 78 घायल हैं, जबकि लगभग 32 लोगों को श्रीलंकाई बलों ने बचा लिया. समुद्र में अभी भी खोज और बचाव अभियान जारी है.

ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर टॉरपीडो से हमला

दरअसल, 4 मार्च की तड़के श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी USS Charlotte (SSN-766) अटैक किया. यह लॉस एंजिलिस-क्लास परमाणु चालित फास्ट अटैक सबमरीन है. अमेरिका की इस पनडुब्बी ने 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena पर टॉरपीडो से हमला किया.

भारत में बिताए यादगार पल

ईरानी नौसैनिक भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 और Exercise Milan 2026 में हिस्सा लेने विशाखापट्टनम आए थे. 19 फरवरी की शाम आरके बीच रोड पर आयोजित मार्च-पास्ट देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे थे. भारत में अपने प्रवास के दौरान उन्होंने कैलासगिरि हिलटॉप, विक्ट्री एट सी वॉर मेमोरियल, सबमरीन म्यूजियम, संकल्प आर्ट विलेज जैसे पर्यटन स्थलों का भी दौरा किया. कुछ विदेशी नौसैनिकों ने ताजमहल और बोधगया भी देखा.

कार्यक्रम में शामिल हुए 19 विदेशी युद्धोपोत   

इस कार्यक्रम में कुल 85 जहाजों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत शामिल थे. भारतीय नौसेना की ओर से 56 से ज्यादा जहाज और पनडुब्बियों ने हिस्सा लिया था. साथ ही भारतीय तटरक्षक के 4 पोत और अन्य संस्थानों के जहाज भी शामिल हुए थे. कार्यक्रम में राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भी मौजूद थीं, जबकि उद्घाटन रक्षा मंत्री ने किया था.

44 साल बाद पनडुब्बी से डूबा युद्धपोत?

रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह करीब 44 साल बाद पहली बार हुआ जब किसी पनडुब्बी ने युद्ध के दौरान किसी युद्धपोत को डुबोया हो. इससे पहले 1982 में HMS Conqueror ने अर्जेंटीना के जहाज एआरए जनरल बेलग्रानो को फॉकलैंड्स युद्ध के दौरान डुबोया था.

श्रीलंका के गाले तट के पास संकट में फंसे ईरानी जहाज IRIS Dena से मिले आपातकालीन संदेश के बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत सर्च एंड रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन शुरू कर दिया था. भारतीय नौसेना के मुताबिक जहाज़ से मिले डिस्ट्रेस कॉल के बाद भारतीय नौसेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निगरानी विमान और युद्धपोतों को इलाके में भेजा। इस अभियान में भारतीय नौसेना के जहाज़ INS Tarangini और INS Ikshak को भी तैनात किया गया है.

14 जून को ईरानी नौसेना में हुआ था शामिल

ईरान का युद्धपोत IRIS Dena आधिकारिक तौर पर 14 जून 2021 को ईरानी नौसेना में शामिल किया गया था. यह जहाज मौज (Moudge) क्लास फ्रिगेट का हिस्सा था और इसे ईरान के बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर आयोजित एक समारोह में सेवा में शामिल किया गया था. उस समय ईरान की नौसेना ने इसे अपने स्वदेशी रूप से विकसित आधुनिक युद्धपोतों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया था.

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