Israel-Iran war: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट के स्थायी समाधान की जरूरत है. उन्होंने सुझाव दिया कि इसका दीर्घकालिक हल नई एनर्जी पाइपलाइन बनाना होगा, जो खाड़ी देशों के तेल और गैस को भूमध्य सागर तक ले जाएंगी. नेतन्याहू का बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के समुद्री गलियारे से तेल-गैस की आवाजाही रोक दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए ईरान को तमाम धमकियां दी हैं लेकिन होर्मुज पर तेहरान का दबदबा तोड़ने में वह कामयाब नहीं हुए हैं.
नेतन्याहू ने मीडिया आउटलेट Newsmax के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का दीर्घकालिक समाधान ऊर्जा पाइपलाइनों का मार्ग बदलकर उन्हें पश्चिम की ओर यानी सऊदी अरब से होते हुए लाल सागर और भूमध्य सागर तक ले जाना है. इससे ईरान का भौगोलिक चैक प्वाइंट पूरी तरह दरकिनार हो जाएगा. नेतन्याहू ने स्वीकार किया कि ईरान की स्थिति होर्मुज पर मजबूत है, ऐसे में दूसरा रास्ता तलाशना सही रणनीति होगी.
होर्मुज से बढ़ी इजरायल की टेंशन
होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल निर्यात का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. खाड़ी से दुनिया के कई देशों में इसी रास्ते से तेल और गैस पहुंचता है. सऊदी अरब, यूएई और ओमान के क्षेत्रीय जल होर्मुज जलडमरूमध्य में पड़ते हैं लेकिन होर्मुज के दूसरी और ईरान की मौजूदगी ने इसे समुद्री यातायात के लिए संवेदनशील बना दिया है.
नेतन्याहू का कहना है कि ईरान ने होर्मुज को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है. ईरान की कोशिश दुनिया में उर्जा संकट पैदा करने की है. होर्मुज को लेकर कोई सफल सैन्य समाधान भी सिर्फ अल्पकालिक स्थिरता ही दे सकता है. ऐसे में इस जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व को खत्म करना ही दीर्घकालिक समाधान साबित होगा.
ईरान से पूरा हुआ युद्ध का आधा रास्ता
नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध में इजरायल-अमेरिका को बढ़त मिलने का दावा करते हुए कहा कि यह लड़ाई अपने आधे रास्ते से आगे निकल चुकी है. उन्होंने कहा कि इजरायली सेना ईरानी शासन की परमाणु क्षमताओं को नष्ट करने पर ध्यान लगा रही है. हालांकि वह यह नहीं बता सके कि युद्ध कब तक खत्म हो सकता है.
बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर कर दिया है और देश के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा कि ईरान की कोशिश परमाणु हथियार हासिल करने और ऐसी मिसाइल बनाने की है, जो अमेरिका तक पहुंच सके लेकिन उसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.
ईरान-इजरायल युद्ध में कई शीर्ष नेताओं की गई जान
ईरान का इजरायल और अमेरिका साथ 28 फरवरी से युद्ध चल रहा है. अमेरिका और ईरान ने युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान के कई शीर्ष नेताओं को मार डाला था. हालांकि इसके बाद ईरान ने जवाबी हमले तेज किए हैं और खासतौर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करते हुए ना सिर्फ इजरायल, अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों के लिए बल्कि दुनिया के लिए मुश्किल बढ़ाई है.

