Israel Lebanon War: इजरायली सेना ने 44 साल बाद एक बार फिर दक्षिणी लेबनान के चर्चित ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया है और वहां इजरायल के साथ-साथ गोलानी ब्रिगेड का झंडा भी फहरा दिया है. वहीं इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने दक्षिणी लेबनान के ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के दावे को बड़ी रणनीतिक सफलता बताया है. उन्होंने कहा कि यह कदम अतीत की गलतियों को सुधारने जैसा है.
आक्रामक सैन्य कार्रवाई की वकालत
स्मोट्रिच ने कहा कि उत्तरी इजरायल के लोगों को स्थायी सुरक्षा देने की दिशा में उठाया गया है. स्मोट्रिच ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ और आक्रामक सैन्य कार्रवाई की वकालत करते हुए कहा कि इजरायल को अपनी रणनीति बदलनी होगी. उन्होंने दावा किया कि लेबनान और गाजा में सैन्य दबाव बनाए रखना जरूरी है ताकि भविष्य के खतरों को रोका जा सके.
हिज्बुल्लाह को सीधी चेतावनी
रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इसे रणनीतिक जीत बताते हुए हिज्बुल्लाह को सीधी चेतावनी दी है. इजरायली ब्रॉडकास्ट कॉर्प ने रविवार सुबह सोशल मीडिया पर तस्वीरें जारी कीं, जिनमें नबातियेह शहर के पास स्थित ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली सैनिक झंडा फहराते दिखाई दिए. इसके बाद इजरायली रक्षा बल (IDF) ने भी इलाके में मौजूद सैनिकों की तस्वीरें और वीडियो जारी किए.
हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार अभियान
IDF प्रवक्ता ने कहा कि इजरायली सेना अब लितानी नदी के उत्तर में भी हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और कई अहम सैन्य उपलब्धियां हासिल की गई हैं. रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निर्देश और उनके मार्गदर्शन में सेना ने लेबनान में सैन्य अभियान का विस्तार किया, लितानी नदी पार की और ब्यूफोर्ट रिज पर कब्जा कर लिया.
इजरायल तथा गोलानी ब्रिगेड का फहराया झंडा
काट्ज ने लिखा, ‘ब्यूफोर्ट की वीरतापूर्ण लड़ाई के 44 साल बाद, गोलानी ब्रिगेड के सैनिक एक बार फिर उसी चोटी पर लौटे हैं और वहां इजरायल तथा गोलानी ब्रिगेड का झंडा फहराया है.’ उन्होंने कहा कि यह इलाका गैलीली क्षेत्र की बस्तियों की सुरक्षा और उत्तरी सीमा की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
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