Israel US Iran War: 23वें दिन सऊदी अरब का बड़ा एक्शन, ईरानी अधिकारियों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Israel US Iran War: मध्य पूर्व में जारी इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. युद्ध के 23वें दिन सऊदी अरब ने पहली बार तेहरान के खिलाफ खुलकर सख्त रुख अपनाया है. सऊदी सरकार ने ईरानी दूतावास के कई अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर राजधानी रियाद छोड़ने का आदेश दिया है. यह कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है.

विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश: संप्रभुता से समझौता नहीं

रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ईरान के सैन्य अटैची, उनके सहायक और दूतावास से जुड़े अन्य कर्मचारी अब देश में स्वीकार्य नहीं हैं. मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संधियों और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं. साथ ही इसे राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया गया.

बीजिंग समझौते और अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला

सऊदी अरब ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान के हालिया हमले बीजिंग समझौते और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ हैं. सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालती हैं, बल्कि इस्लामी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी कमजोर करती हैं.

सऊदी की चेतावनी: अब हर कदम उठाने को तैयार

ईरानी अधिकारियों को निष्कासित करने के साथ ही सऊदी अरब ने कड़ा संदेश दिया है कि वह अब अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों का असर दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा पड़ेगा और आगे और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं.

मोहम्मद बिन सलमान, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस। - India TV Hindi

कतर के बाद सऊदी का बड़ा कदम

इससे पहले कतर ने भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया था. यह फैसला कतर के रास लफ्फान गैस प्लांट पर हुए बड़े हमले के बाद लिया गया था, जिसे उसने अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया था.

खाड़ी देशों पर हमलों से बढ़ा तनाव

हाल के दिनों में ईरान द्वारा खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास गतिविधियां तेज की हैं और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. हाल ही में सऊदी अरब के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानबू बंदरगाह पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया.

मध्य पूर्व में बढ़ती जटिलता

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब केवल सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर रहा है. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है.

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