Israel US Iran War: मध्य पूर्व में जारी इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है. युद्ध के 23वें दिन सऊदी अरब ने पहली बार तेहरान के खिलाफ खुलकर सख्त रुख अपनाया है. सऊदी सरकार ने ईरानी दूतावास के कई अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर राजधानी रियाद छोड़ने का आदेश दिया है. यह कदम खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया है.
विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश: संप्रभुता से समझौता नहीं
रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि ईरान के सैन्य अटैची, उनके सहायक और दूतावास से जुड़े अन्य कर्मचारी अब देश में स्वीकार्य नहीं हैं. मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों, संधियों और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं. साथ ही इसे राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया गया.
Saudi Arabia has declared several Iranian embassy staff, including its military attache, as persona non grata, ordering them to leave the country within 24 hours, as Tehran’s attacks on the Gulf continue.
Al Jazeera’s Zein Basravi reports. pic.twitter.com/IJ2bcNhxzw
— Al Jazeera English (@AJEnglish) March 22, 2026
बीजिंग समझौते और अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला
सऊदी अरब ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान के हालिया हमले बीजिंग समझौते और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ हैं. सरकार का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालती हैं, बल्कि इस्लामी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी कमजोर करती हैं.
सऊदी की चेतावनी: अब हर कदम उठाने को तैयार
ईरानी अधिकारियों को निष्कासित करने के साथ ही सऊदी अरब ने कड़ा संदेश दिया है कि वह अब अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान की लगातार आक्रामक गतिविधियों का असर दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा पड़ेगा और आगे और सख्त फैसले लिए जा सकते हैं.

कतर के बाद सऊदी का बड़ा कदम
इससे पहले कतर ने भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया था. यह फैसला कतर के रास लफ्फान गैस प्लांट पर हुए बड़े हमले के बाद लिया गया था, जिसे उसने अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया था.
खाड़ी देशों पर हमलों से बढ़ा तनाव
हाल के दिनों में ईरान द्वारा खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास गतिविधियां तेज की हैं और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है. हाल ही में सऊदी अरब के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यानबू बंदरगाह पर भी ड्रोन हमला हुआ, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया.
मध्य पूर्व में बढ़ती जटिलता
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब केवल सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर रहा है. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने ईरान की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है.
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