Washington: अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने सोमवार से कांग्रेस के सदस्यों को दोषी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से जुड़ी बिना काट-छांट वाली फाइलों की समीक्षा करने की अनुमति दे दी है. सांसद लगातार एप्स्टीन और उसके अपराधों से जुड़ी जानकारी की मांग कर रहे थे. न्याय मंत्रालय को जानकारी जारी करने में देरी, पीड़ितों की निजी जानकारी और तस्वीरें ठीक से न छिपाने तथा पूरे 60 लाख दस्तावेज जारी न करने के लिए आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है.
देख सकेंगे बिना काट-छांट वाले संस्करण
सांसदों को भेजे गए एक पत्र में यह जानकारी दी गई है. इस पत्र में कहा गया है कि सांसद न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किए गए 30 लाख से अधिक दस्तावेजों के बिना काट-छांट वाले संस्करण देख सकेंगे. यह दस्तावेज कांग्रेस द्वारा पिछले वर्ष पारित कानून का पालन करने के तहत जारी किए गए हैं. फाइलों तक पहुंच पाने के लिए सांसदों को न्याय मंत्रालय को 24 घंटे पहले सूचना देनी होगी.
कंप्यूटर पर ही इन फाइलों की कर सकेंगे समीक्षा
वे न्याय मंत्रालय के कंप्यूटर पर ही इन फाइलों की समीक्षा कर सकेंगे. केवल सांसदों को ही इन तक पहुंच मिलेगी, उनके स्टाफ को नहीं. एप्स्टीन ने 2019 में न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी, जब उस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के आरोप थे. क्योंकि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि ताकत, पैसे और कानून के दुरुपयोग का प्रतीक बन चुका है.
क्या कानून सबके लिए बराबर है
इससे यह सवाल उठता है कि क्या कानून सबके लिए बराबर है. जेफ्री एप्स्टीन अमेरिका का एक अमीर फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषणए तस्करी और सेक्स रैकेट चलाने के गंभीर आरोप लगे थे. यह मामला इसलिए बेहद बड़ा बना क्योंकि एप्स्टीन के संबंध कई शक्तिशाली राजनेताओं, उद्योगपतियों और मशहूर हस्तियों से बताए जाते हैं.
क्या थे आरोप ?
-एप्स्टीन पर आरोप था कि वह कम उम्र की लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाता था
-उन्हें पैसे देकर यौन शोषण करता था
-कुछ लड़कियों को दूसरे अमीर और ताकतवर लोगों तक भी पहुंचाया जाता था
-यह नेटवर्क अमेरिका के अलावा कैरेबियन द्वीपों तक फैला हुआ था
केस की टाइमलाइन
-2008: फ्लोरिडा में पहली बार केस दर्ज, लेकिन एप्स्टीन को बेहद हल्की सजा मिली
-2019: न्यूयॉर्क में फिर से गिरफ्तारी, नाबालिगों की यौन तस्करी के आरोप
-अगस्त 2019: जेल में रहस्यमय हालात में आत्महत्या
मामला विवादास्पद क्यों ?
-एप्स्टीन की मौत के बाद कई सवाल अधूरे रह गए
-शक है कि कई बड़े नामों को बचाया गया
-पीड़ितों को न्याय नहीं मिला
-अदालत की निगरानी में रहते हुए उसकी मौत पर भी सवाल उठे
“एप्स्टीन फाइल्स” क्या हैं?
-हजारों दस्तावेज, ईमेल, उड़ान रिकॉर्ड
-कथित “क्लाइंट लिस्ट”
-गवाहों के बयान
-तस्वीरें और वीडियो सबूत
-इन्हीं फाइलों को लेकर अब अमेरिकी संसद और जनता पारदर्शिता की मांग कर रही है.
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