कारगिल से पीएम मोदी ने दिया कड़ा संदेश, घबरा गया पाकिस्तान; कही ये बात

Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Kargil Vijay Diwas: भारत में 26 जुलाई शुक्रवार का दिन कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया गया. इस खास मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रम हुए. इस खास मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के द्रास में सैनिकों को संबोधित किया. अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने पाकिस्तान को संदेश देते हुए कहा कि वह आतंकवाद और छद्म युद्ध का उपयोग करके प्रासंगिक बने रहने की कोशिश कर रहा है लेकिन दुश्मन के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.

पीएम मोदी के इस भाषण के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है. पाकिस्तान ने पीएम नरेंद्र मोदी के इस भाषण को खारिज करते हुए सिर्फ बयानबाजी बताया है. इस संबंध में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान भी जारी किया गया है.

पाकिस्तान ने किया पीएम मोदी के बयान को खारिज

जानकारी दें कि कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने लद्दाख के द्रास में जवानों के संबोधित किया था. इस संबोधन के दौरान उन्होंने कई बातों को रखा. पीएम मोदी के इस भाषण को पाकिस्तान की सरकार ने ‘बयानबाजी’ करार दिया है. इसी के साथ पाकिस्तान ने इसको खारिज कर दिया है. वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि इससे कश्मीरी लोगों को दबाने के भारत के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय ध्यान नहीं हटा सकता.

आपको बता दें कि 26 जुलाई को भारत ने 25वां कारगिल विजय दिवस मनाया और देश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों की वीर गाथा को याद किया. इस खास मौके पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा था कि वह आतंकवाद और छद्म युद्ध का उपयोग करके प्रासंगिक बने रहने की कोशिश कर रहा है लेकिन दुश्मन के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.

जानिए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय का बयान

गौरतलब है कि कारगिल विजय दिवस के मौके पर दिए गए पीएम मोदी के भाषण के बाद पाकिस्तान को ऐसी मिर्ची लगी कि वहां के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि भारतीय नेताओं के बयानबाजी से कश्मीरी लोगों के मौलिक अधिकारों और स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए किए जा रहे संघर्ष को दबाने के भारत के कठोर रवैये से अंतरराष्ट्रीय ध्यान नहीं हट सकता.

यह भी पढ़ें: रूस के बाद पीएम मोदी करेंगे यूक्रेन का दौरा, जानिए क्यों अहम है ये यात्रा

Latest News

बंगाल में नमाज की आजादी लेकिन पूजा के लिए लेनी पड़ती है अदालत से अनुमति-नितिन नवीन

West Bengal Assembly polls 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और सत्तारूढ़ तृणमूल...

More Articles Like This