किम जोंग ने उतारे परमाणु बमों से लैस युद्धपोत, देखा घातक मिसाइलों का टेस्ट, US- जापान परेशान

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North Korea: दुनिया में सिर्फ कुछ ही देशों के पास परमाणु हथियार है, लेकिन अब किम जोंग उन एक ऐसा कदम उठाने की तैयारी में है जिसने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की चिंता बढ़ा दी है. उत्तर कोरिया अब अपनी परमाणु ताकत को जमीन और आसमान के बाद समुद्र तक पहुंचाने की तैयारी में है. उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने बड़े हथियारों के परीक्षण देखे. इसके साथ ही सेना के ‘घातक तथा विनाशकारी आक्रामक रुख’ को और मजबूत करने का आह्वान भी किया.

हथियारों की क्षमता का मूल्यांकन

आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA)ने बताया कि बृहस्पतिवार को किम ने जो परीक्षण देखे, उनका उद्देश्य एडवांस्ट मल्टी रॉकेट लॉन्च्ड सिस्टम वाली ‘टैक्टिकल बैलिस्टिक’ मिसाइल के लिए विशेष मिशन वाले हथियारों की क्षमता का मूल्यांकन करना और होवित्जर तोप की लॉन्ग रेंज फायरिंग के साथ गोलाबारी की सटीकता हासिल करना था. KCNA ने किम के हवाले से कहा कि परीक्षणों के नतीजों ने दक्षिणी सीमा के पास इलाकों में गोलेबारी के तरीके में बदलाव लाने की कोशिश में हासिल तकनीकी प्रगति को साबित किया है.

नौसैनिक और परमाणु क्षमताओं का प्रतीक

इसका मतलब है कि जिन हथियारों का परीक्षण किया गया, उनसे दक्षिण कोरिया में मौजूद ठिकानों, जिनमें अमेरिकी सैन्य अड्डे भी शामिल हैं, को निशाना बनाया जा सकता है. मंगलवार को,उत्तर कोरिया ने 5,000 टन वजनी विध्वंसक पोत ‘चोए ह्योन’ को नौसेना में शामिल किया, जिसे किम ने देश की बढ़ती नौसैनिक और परमाणु क्षमताओं का प्रतीक बताया. यह उत्तर कोरिया का सबसे आधुनिक युद्धपोत है.

घटनाक्रम किम के प्रयासों के अनुरूप

किम ने यह टिप्पणी उत्तर कोरिया के पहले नौसैनिक डिस्ट्रॉयर शिप को सर्विस में शामिल करने के कुछ दिन बाद की है. इस घटनाक्रम को किम के इन प्रयासों के अनुरूप माना जा रहा है, जिनमें वह दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर लौटने से इनकार करते हुए परमाणु और पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं.

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