हरदीप निज्जर हत्याकांड: भारत की जेल में ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई, FBI के अनुरोध पर ही होगा प्रत्यर्पण

New Delhi: गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई फिलहाल भारतीय जेल में ही रहेगा. कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या में FBI द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है. इसके बावजूद लारेंस को भारत में रहने की अनुमति दी गई है. अपराधियों के लिए अमेरिका से हुए प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुरूप भारत में ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे निज्जर हत्याकांड में ट्रायल के लिए अमेरिका भेजा जाएगा.

लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण का कोई अनुरोध नहीं

निज्जर की हत्या 18 जून 2023 को कनाडा में हुई थी और लॉरेंस बिश्नोई 18 अगस्त 2023 से साबरमती जेल में है. जाहिर है निज्जर की हत्या की साजिश साबरमती जेल में जाने से पहले रची गई होगी. मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को भी अमेरिका ने अपने यहां सजा पूरी होने के बाद ही भारत को सौंपा था. अभी तक अमेरिका की ओर से कूटनीति स्तर पर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण का कोई अनुरोध नहीं आया है. लेकिन अमेरिकी अदालत में चार्जशीट को देखते हुए निकट भविष्य में अनुरोध आना सुनिश्चित माना जा रहा है.

कोई बदलाव संभव नहीं

1997 में अमेरिका के साथ हुई प्रत्यर्पण संधि के अनुसार ट्रायल और सजा पूरी होने के बाद ही उसे सौंपा जा सकता है और इसमें कोई बदलाव संभव नहीं है. बिश्नोई पर हत्या और जबरन बसूली के 80 से अधिक मामले विभिन्न अदालतों में चल रहे हैं. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर अंशु जोशी के अनुसार प्रत्यर्पण में देरी होने के बावजूद अमेरिका के साथ कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारत निज्जर हत्याकांड की जांच में पूरा सहयोग कर सकता है.

जेल के भीतर पूछताछ की इजाजत

अभी तक अमेरिका की ओर से लारेंस के प्रत्यर्पण का कोई अनुरोध नहीं आया है, लेकिन इसकी संभावना है. इसके तहत अमेरिकी जांच कर्ताओं को लॉरेंस बिश्नोई से जेल के भीतर पूछताछ की इजाजत भी दी सकती है. मुंबई आतंकी हमले के आरोपित हेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर राणा से जेल में पूछताछ की इजाजत अमेरिका ने दी थी. भारत से एनआइए की टीम ने अमेरिका जाकर दोनों का बयान भी दर्ज किया था.

नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत खुद गैंगस्टर, अपराधी और तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश में जुटा है. खासतौर पर कई देशों में फैला इनका नेटवर्क भारत की सुरक्षा के लिए खुद भी खतरा है. ऐसे में भारतीय एजेंसियां इन गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई में एफबीआई समेत दुनिया के अन्य एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है. खुद एफबीआई ने भी अपनी चार्जशीट में भारतीय एजेंसियों का पूरा सहयोग मिलने का दावा किया है.

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